रांचीः बीसीसीआई के ओम्बड्समैन-कम-एथिक्स ऑफिसर (लोकपाल सह नैतिकता अधिकारी) और सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जस्टिस अरुण मिश्रा ने 30 मार्च को झारखंड स्टेट क्रिकेट एसोसिएशन (जेएससीए) को शो-कॉज नोटिस जारी किया है। यह नोटिस शिकायत संख्या 13/2026 के तहत जारी किया गया है। बीसीसीआई के लोकपाल और एथिक्स अधिकारी न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अरुण मिश्रा द्वारा जारी नोटिस ने जेएससीए के पदाधिकारियों में हड़कंप मचा दिया है। यह कार्रवाई जेएससीए के सदस्य नंदू पटेल द्वारा दायर शिकायत के आधार पर की गई है, जिसमें आरोप है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा अनिवार्य किए गए लोढ़ा समिति सुधारों का उल्लंघन किया है।
ये हैं मुख्य आरोपः जेएससीए ने वर्ष 2018 से सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार संविधान में संशोधन और पंजीकरण नहीं किया।
सितंबर 2018 में केवल एक विशेष आम बैठक हुई, इसके बाद कोई अनुपालन कदम नहीं उठाया गया, जिसमें 2022 के संशोधन भी शामिल हैं।
संशोधित संविधान अब तक निबंधक के समक्ष अपंजीकृत है।
इसके बावजूद जेएससीए ने 2019, 2022 और 2025 में चुनाव कराए, जो कथित रूप से अपंजीकृत ढांचे के तहत हुए।
उपाध्यक्ष पद का चुनाव लड़ चुके हैं नंदू पटेल…बीते साल हुए जेएससीए चुनाव में नंदू पटेल उपाध्यक्ष पद के उम्मीदवार थे। हालांकि, उन्हें हार का सामना करना पड़ा। नंदू पटेल दूसरे स्थान पर रहे जबकि संजय पांडेय विजयी रहे। चुनाव में कथित धांधली का मामला हाई कोर्ट में भी चल रहा है।
झारखंड में सूचना आयुक्त का नाम लगभग फाइनल, दो पत्रकार, कांग्रेस महासचिव, JMMआईटी सेल प्रभारी और BJP मीडिया प्रभारी शामिल
चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश
बीसीसीआई ने बिहार के मामले में जो निर्णय लिया है, उसके अनुसार जेएससीए को चार सप्ताह के भीतर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया है। शिकायतकर्ता को सात दिनों में प्रत्युत्तर देने को कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई के बाद बीसीसीआई इस पर अपना रुख तय करेगा।


