लोहरदगा : जिले के हेसल स्थित बाक्साइट क्रशिंग डंपिंग यार्ड में एक मजदूर की मौत के बाद श्रमिकों में भारी आक्रोश है। हिंडाल्को इंडस्ट्रीज लिमिटेड के अधीन संचालित इस यार्ड में कार्यरत मजदूर बिंदेश्वर लोहरा की अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, ट्रक से बाक्साइट उतारने के दौरान उनकी हालत खराब हुई और अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। प्राथमिक तौर पर मौत का कारण साइलेंट हार्ट अटैक बताया जा रहा है। मजदूरों ने यार्ड में बुनियादी सुविधाओं के अभाव का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि कार्यस्थल पर न तो छाया की व्यवस्था है, न बैठने की जगह, न शुद्ध पेयजल और न ही नियमित स्वास्थ्य जांच की सुविधा। ऐसे में कठिन परिस्थितियों में काम करने को मजबूर मजदूरों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

वसूली और पारदर्शिता पर सवाल
मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि ट्रक अनलोडिंग के नाम पर पहले ₹20 और बाद में ₹10 प्रति ट्रक ‘सहयोग राशि’ के रूप में वसूली की जा रही थी। हालांकि, दुर्घटना के बाद मुआवजे की बात आने पर संबंधित संगठन के पास कोई राशि उपलब्ध नहीं होने का दावा किया गया, जिससे पारदर्शिता पर सवाल उठने लगे हैं।

जिम्मेदारों की चुप्पी से नाराजगी
घटना के बाद कंपनी प्रबंधन, संबंधित संचालन इकाई और मजदूर संगठन की चुप्पी ने श्रमिकों की नाराजगी बढ़ा दी है। लोहरदगा के चर्चित नेता पावन एक्का ने मौके पर पहुंचकर कहा कि वर्षों से हो रही वसूली का हिसाब स्पष्ट होना चाहिए और मजदूरों के हितों से समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। मजदूरों ने मामले की निष्पक्ष जांच, उचित मुआवजा और कार्यस्थल पर बुनियादी सुविधाएं सुनिश्चित करने की मांग की है।















