रांचीः झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन रविवार को दिल्ली रवाना हो गए हैं। उनके साथ मुख्यमंत्री की पत्नी और गांडेय विधायक कल्पना सोरेन भी मौजूद है। असम में होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले हेमंत सोरेन का ये दिल्ली दौरा बहुत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। असम चुनाव में नामांकन की अंतिम तारीख 23 मार्च यानी सोमवार है और अब तक कांग्रेस के साथ गठबंधन को लेकर कोई भी आधिकारिक बयान नहीं आया है।
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शनिवार को असम कांग्रेस के अध्यक्ष गौरव गोगई ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि वो असम के 126 सीटों में से 100 सीट पर चुनाव लड़ेंगे और 25 सीटें सहयोगी दलों को दी जाएगी, एक सीट पर फ्रेंडली फाइट की स्थिति बन सकती है। गौरव गोगई ने जिन गठबंधन दलों का नाम लिया उसमें झारखंड मुक्ति मोर्चा शामिल नहीं थी। ऐसी स्थिति में अब जेएमएम के लिए कांग्रेस से अलग होकर चुनाव लड़ने के अलावा कोई विकल्प नहीं है। माना जा रहा है कि जेएमएम असम में प्रदीप नाग की जय भारत पार्टी के साथ मिलकर चुनाव लड़ सकती है। जेएमएम के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडे और झारखंड सरकार में मंत्री चमरा लिंडा असम के दौरे पर है और गठबंधन के साथ-साथ सीट को लेकर अंतिम सहमति बना रहे है। जेएमएम किसी भी वक्त अपने गठबंधन और सीट का एलान कर सकता है।
जेएमएम के केंद्रीय प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने दो दिन पहले ही मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पत्र लिखकर स्टेट रिकॉगनाइट पार्टी होने के नाते असम में तीर-धनूष का सिंबल देने की मांग की थी। तीर-धनूष का सिंबल शिवसेना के पास भी है जो असम में चुनाव नहीं लड़ रही है। जेएमएम ने असम चुनाव को लेकर अपने स्टार प्रचारकों की सूची पहले ही जारी कर दी थी जिसमें हेमंत सोरेन और कल्पना सोरेन के साथ पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के नाम थे। दिल्ली से मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के असम जाने की भी संभावनाएं जताई जा रही है। असम के चुनाव में जेएमएम 20 से 25 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतार सकती है।






