रांचीः अनगड़ा के महेशपुर गांव में असामाजिक तत्वों ने सरना झंडा उखाड़कर फेंक दिया। शनिवार को इसकी जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों से बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोग सरना स्थल पहुंच गए। देखते-देखते तनाव की स्थिति बन गई। सूचना मिलने के बाद सिल्ली डीएसपी समेत कई थानों की पुलिस मौके पर पहुंची।
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उग्र ग्रामीणों ने दोषियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस और प्रशासन ने लोगों को समझाकर स्थित को नियंत्रित किया। घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज की जांच में 20 मार्च की रात करीब साढ़े नौ बजे एक युवक झंडा उखाड़ते हुए दिखाई दिया। जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। आदिवासी समाज ने आरोप लगाया है कि पवित्र सरना स्थल को कूड़ादान बना दिया गया है। वहां अक्सर जानवरों की हड्डियां और कचरा फेंका जाता है। घरों का गंदा पानी भी उसी ओर मोड़ दिया गया है, जिससे चहारदीवारी को नुकसान हो रहा है। पुलिस अधिकारी, मुखिया रौशन मुंडा, साहेबराम महतो, सत्येंद्र मुंडा, जमल मुंडा, सौभाग्य मुंडा और अंजुमन इस्लामिया कमेटी सहित दोनों पक्षों के प्रबुद्ध लोगों ने मिलकर भीड़ को शांत कराया। उखाड़े गये झंडों को फिर से सम्मानपूर्वक लगाया गया। इसके बाद आपसी सौहार्द्र से ईद मनायी गयी और सरहुल की पूजा हुई।







