गैंगस्टर प्रिंस खान के लिए शूटर बुलाने वाले राणा राहुल सिंह को रांची पुलिस ने दे रखा था बॉडीगार्ड,उसके काफिले को पुलिस करती थी एस्कॉट

रांचीः धनबाद के रहने वाले गैंगस्टर प्रिंस खान भले ही भारत से भाग चुका है, लेकिन उसके कई मददगार अब भी झारखंड में मौजूद है। कोई प्रिंस खान के गुर्गे के रूप में काम करता है तो कोई उसे अन्य सुविधाएं मुहैया कराता है। प्रिंस खान के मददगार अब झारखंड पुलिस के रडार पर है। उन्हीं मददगारों में एक है राणा राहुल सिंह जो प्रिंस खान के लिए शूटर उपलब्ध कराता है। राणा राहुल सिंह सरकारी बॉडीगार्ड के आड़ में अपना नेटवर्क चलाता रहा। चौंकाने वाली बात यह है कि उसे रांची पुलिस की ओर से तीन अलग-अलग बॉडीगार्ड मुहैया कराया गया था। लेकिन उसकी संदिग्ध गतिविधियों की भनक पुलिस के किसी अधिकारी तक को नहीं लगी।

orig new project 2026 03 21t021937192 1774039801

झारखंड में ठनका गिराने से 5 की मौत, आज भी तेज हवा के साथ हल्की बारिश और वज्रपात की संभावना
16 मार्च 2026 को धनबाद से पकड़े गए प्रिंस खान के शूटर कुबेर सिंह से हुई पूछताछ के दौरान राणा राहुल सिंह और नामकुम के रहने वाले कौशल पांडे का नाम सामने आया। इसके बाद जांच शुरू हुई तो कई चौकाने वाले खुलासे हुए। चल रही जांच के अनुसार, 27 अक्टूबर 2023 को एक वरीय अधिकारी के आदेश पर पहली बार राधा को बॉडीगार्ड दिया गया था लेकिन कुछ ही दिनों बाद इसे वापस ले लिया गया। हालांकि राणा ने एक डीआईजी रैंक के अधिकारी पर दवाब डालकर फिर से रांची पुलिस बल से बॉडीगार्ड हासिल कर लिया। हालांकि कुछ ही महिनों बाद दूसरा बॉडीगार्ड भी वापस ले लिया गया।

भानु प्रताप शाही को योगेंद्र साव लगने लगे अच्छे, पूर्व कांग्रेस विधायक ने अडाणी के खिलाफ खोल रखा था मोर्चा
इसके बाद भी राणा राहुल सिंह ने अपना संपर्क और दवाब बनाए रखा। जुलाई 2025 को तीसरी बार फिर राणा को बॉडीगार्ड मिल गया। फरवरी 2026 में नगर निकाय चुनाव से पहले उसे बॉडीगार्ड को एक बार फिर से वापस ले लिया गया। यही नहीं उसके काफिले पुलिस एस्कॉट भी किया करती थी। उग्रवादी हमले का डर बताकर उसने बॉडीगार्ड मांगा था। धमकी मिलने के बाद उसने एफआईआर भी दर्ज कराई थी। इस पूरे घटनाक्रम से यह सवाल उठता है कि आखिर एक संदिग्ध व्यक्ति को बार-बार पुलिस सुरक्षा कैसे मिल जा रही थी और सिस्टम को उसकी गतिविधियों की भनक तक नहीं लगी। फिलहाल राणा राहुल सिंह फरार है। पुलिस को इनपुट मिला है कि वह कर्नाटक भाग गया है, पुलिस उसे ढूंढ रही है।
पुलिस ने बताया कि राणा राहुल सिंह रांची के लालपुर में रहकर सुअर पालन का कारोबार करता था। करीब चार साल पहले वह प्रिंस खान से जुड़ा और रंगदारी वसूलने लगा। उसने खुद को सफेदपोश बताते हुए उग्रवादियों से खतरा बताया और धमकी मिलने की बात कहकर प्राथमिकी दर्ज कराई। इसी आधार पर उसे बॉडगीर्ड मिला। बाद में प्रिंस खान के गुर्गे कुबेर ने पुलिस के सामने स्वीकार किया कि राणा ही रांची में शूटर उपलब्ध कराया करता था। राणा को बॉडीगार्ड उपलब्ध कराने के मामले में रांची एसएसपी ने कहा कि रिकार्ड देखने के बाद ही कुछ बताया जा सकता है।
पुलिस के अनुसार, सितंबर 2023 में राणा राहुल सिंह दोस्तों के साथ दुबई गया था। वहां उसकी मुलाकात प्रिंस खान से हुई। दोनों के बीच रंगदारी और शूटर देने के संबंध में बातचीत हुई। इसके बाद उसने कौशल वद साथियों के साथ बर्थडे पार्टी भी की थी। राणा का बॉडीगार्ड उसके सहयोगी कौशल पांडे भी इस्तेमाल करता था। वह नामकुम इलाके में बॉडीगार्ड के साथ घूमता और फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट करता था। इसके माध्यम से वो इलाके में अपना दबदबा बनाने की कोशिश किया करता था।

सिमडेगा में PLFI के 9 उग्रवादी गिरफ्तार,सड़क निर्माण कंपनी की गाड़ियों में आग लगाने का किया था प्रयास
धनबाद पुलिस की चूक से विदेश भागा था प्रिंस खान
धनबाद के वासेपुर में 25 नवंबर 2021 को हुए नन्हें हत्याकांड के बाद पुलिस ने दबिश बढ़ा दी थी। छापेमारी के बीच ही प्रिंस खान ने धनबाद पुलिस को चकमा दे दिया। उसने फर्जी नाम हैदर अली से तत्काल पासपोर्ट बनवाया और देश छोड़कर भाग गया। इस पूरे प्रकरण में पासपोर्ट वेरिफिकेशन के दौरान पुलिस की गंभीर लापरवाही सामने आई। बैंक मोड़ थाने में पदस्थापित दारोगा कालिका राम पर आरोप लगा कि उन्होंने सत्यापन प्रक्रिया में चूक की, जिसके कारण प्रिंस को आसानी से पासपोर्ट मिल गया। मामले की जांच के बाद कालिका राम के खिलाफ कार्रवाई की गई, लेकिन बाद में उन्हें दोषमुक्त कर दिया गया।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now