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झारखंड स्टेट फैकल्टी डेवलपमेंट एकेडमी का प्रथम वार्षिक कॉन्क्लेव, AI और NEP पर चर्चा

रांची: उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग, झारखंड सरकार के अंतर्गत स्थापित झारखंड स्टेट फैकल्टी डेवलपमेंट एकेडमी (JSFDA) ने अपनी स्थापना के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर शुक्रवार को होटल BNR चाणक्य, रांची में प्रथम वार्षिक कॉन्क्लेव का सफल आयोजन किया। इस कार्यक्रम में देशभर के प्रमुख शिक्षाविद्, उद्योग विशेषज्ञ, राज्य के सरकारी एवं निजी विश्वविद्यालयों के कुलपति, कुलसचिव, नीति-निर्माता, महाविद्यालयों के प्राचार्य तथा शिक्षक बड़ी संख्या में शामिल हुए। JSFDA के ज्ञान साझेदार संस्थानों के प्रतिनिधियों की भी उल्लेखनीय भागीदारी रही।

कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुई। इस मौके पर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के प्रधान सचिव-सह-अध्यक्ष श्री राहुल कुमार पुरवार ने कहा कि झारखंड की युवा शक्ति राज्य की सबसे बड़ी ताकत है, जिसे सही मार्गदर्शन और कौशल विकास के जरिए सशक्त बनाना जरूरी है। उन्होंने शिक्षकों से केवल ज्ञान देने तक सीमित न रहकर मार्गदर्शक और राष्ट्रनिर्माता की भूमिका निभाने का आह्वान किया।

मुख्य अतिथि एवं प्रख्यात शिक्षाविद् श्री पी. कंडास्वामी ने अपने संबोधन में आधुनिक शिक्षा प्रणाली और तकनीक से शिक्षकों को जोड़ने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने JSFDA द्वारा कम समय में जेंडर सेंसिटाइजेशन, मानसिक स्वास्थ्य, भाषाई विकास और लेखन कौशल जैसे विषयों पर आयोजित फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम्स (FDP) की सराहना की और इनके विस्तार की जरूरत बताई। साथ ही उन्होंने शिक्षकों से विद्यार्थियों को आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य के अनुरूप तैयार करने की अपील की।

कॉन्क्लेव में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के प्रभावी क्रियान्वयन, शिक्षा में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की भूमिका और शिक्षकों को नेतृत्वकर्ता के रूप में विकसित करने जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा हुई। पहले सत्र में NEP 2020 के जमीनी स्तर पर लागू करने की चुनौतियों और उपायों पर विचार हुआ, दूसरे सत्र में AI को शिक्षकों का सहयोगी उपकरण बताया गया, जबकि तीसरे सत्र में शिक्षकों के नेतृत्व कौशल को विकसित करने पर जोर दिया गया।

विशेषज्ञों ने झारखंड की जैव विविधता और खनिज संपदा को उद्यमिता से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। साथ ही डिजिटल अवसंरचना को मजबूत करने, शोध और प्रकाशन में सहयोग बढ़ाने तथा छात्र परामर्श प्रणाली को बेहतर बनाने के सुझाव दिए गए।

समापन सत्र में JSFDA की ओर से आयोजित लोगो डिजाइन प्रतियोगिता के विजेताओं को सम्मानित किया गया। राजकीय महिला पॉलिटेक्निक, रांची की छात्रा श्रुति सोनी को प्रथम पुरस्कार (₹25,000) और मारवाड़ी कॉलेज की छात्रा अंशिका चौधरी को द्वितीय पुरस्कार (₹20,000) प्रदान किया गया।

कार्यक्रम के अंत में राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव ने शिक्षकों से बदलते समय के अनुसार खुद को लगातार अपडेट करने का आह्वान किया और JSFDA को प्रशिक्षण, गुणवत्तापूर्ण शोध तथा पाठ्यक्रम के नियमित अद्यतन पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी।

यह कॉन्क्लेव झारखंड में उच्च शिक्षा को अधिक प्रभावी, समावेशी और भविष्य उन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

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