रांचीः प्रवर्तन निदेशालय(ED) रांची ने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया(SBI) में हुए वित्तीय घोटाले के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने पीएमएलए के तहत एसबीआई के पूर्व शाखा प्रबंधक मनोज कुमार और उनके परिवार से जुड़ी 97.92 लाख रुपए की दो अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है।
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जब्त संपित्तयों में झारखंड के साहिबगंज स्थित एक रिहायशी मकान और बिहार के पटना में एक फ्लैट शामिल है। ईडी के अनुसार, ये संपत्तियों बैंक धोखाधड़ी से अर्जित अवैध कमाई से खरीदी गई है। मामले में आगे की जांच जारी है। ईडी की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मनोज कुमार ने पद का दुरुपयोग करते हुए करीब 5.40 करोड़ रुपए का वित्तीय घोटाला किया। एजेंसी ने सीबीआई की भ्रष्टाचार निरोधक शाखा धनबाद और दुमका के शिकारीपाड़ा थाने में दर्ज प्राथमिकी व चार्जशीट के आधार पर ईसीआईआर दर्ज कर जांच शुरू की थी। मामले में आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत जांच की जा रही है।
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मृत और निष्क्रिय खातों से निकाले पैसेः जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने साहिबगंज, बरहेट बाजार, फूलबंगा और शिकारीपाड़ा सहित एसबीआई की विभिन्न शाखाओं में तैनाती के दौरान अपनी आधिकारिक स्थिति का दुरुपयोग किया। ईडी के अनुसार, मनोज कुमार ने कमजोर ग्राहकों को निशाना बनाया। इसमें मृत और निष्क्रिय पेंशनभोगियों के खाते तथा निरक्षर किसान क्रेडिट कार्ड धारकों के खाते शामिल थे। इन खातों से सैकड़ों अनधिकृत निकासी और लेन-देन किए गए। निकाले गए पैसों को बिचौलियों के खातों, गैर-सरकारी संगठनों और शेल कंपनियों के जरिए घुमाया गया, ताकि लेन-देन के निशान मिटाए जा सकें। जांच एजेंसी के मुताबिक, इस पूरे घोटाले से अर्जित अवैध धन की राशि करीब 5.40 करोड़ रुपए आंकी गई है।









