DESK : लोहरदगा नगर परिषद उपाध्यक्ष पद के लिए मंगलवार को समाहरणालय के सभा कक्ष में चयन प्रक्रिया पूरी कर ली गई। वार्ड संख्या-12 से नवनिर्वाचित पार्षद अब्दुल कादिर अली को नगर परिषद का निर्विरोध उपाध्यक्ष चुना गया। नाम निर्देशन प्रक्रिया में अब्दुल कादिर अली एकमात्र उम्मीदवार रहे। अब्दुल कादिर अली द्वारा दाखिल नामांकन पत्र की स्क्रूटनी में सभी कागजात सही पाए गए, जिसके बाद उन्हें निर्विरोध निर्वाचित घोषित कर दिया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर तालमेल और जिम्मेदारीपूर्ण कार्यशैली पर जोर दिया गया। इससे पहले उपाध्यक्ष पद के चुनाव को लेकर लोगों में उत्साह देखा गया। परिणाम आने तक समर्थकों की भीड़ समाहरणालय परिसर में लगी रही। वार्ड संख्या-12 से नवनिर्वाचित पार्षद अब्दुल कादिर अली ने सभी वार्ड पार्षदों को अपने पक्ष में करने में कामयाब रहे, जिसके कारण अंतिम समय में उपाध्यक्ष पद के लिए अकेले उम्मीदवार बन सके और उपाध्यक्ष की कुर्सी पर कब्जा जमाया। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान जनप्रतिनिधियों ने नगर विकास और जनहित में कार्य करने का संकल्प लिया। इस अवसर पर उप विकास आयुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, अपर समाहर्ता-सह-निर्वाची पदाधिकारी जितेंद्र मुंडा, सभी सहायक निर्वाची पदाधिकारी, नगर परिषद अध्यक्ष, सभी वार्ड पार्षद एवं निर्वाचन कार्य से जुड़े अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे।

नप अध्यक्ष ने दिलाई उपाध्यक्ष को शपथ
नगर परिषद अध्यक्ष अनिल उरांव ने नव निर्वाचित उपाध्यक्ष अब्दुल कादिर अली को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इससे पहले नगरपालिका आम निर्वाचन 2026 में निर्वाचित अध्यक्ष अनिल उरांव सहित सभी 23 वार्ड पार्षदों को उपायुक्त डा. कुमार ताराचंद ने शपथ दिलाई। शपथ ग्रहण के साथ ही नगर परिषद की नई टीम ने आधिकारिक रूप से अपने दायित्वों का निर्वहन शुरू कर दिया।

पर्व-त्योहारों में विधि-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता : उपायुक्त
नगर परिषद के निर्वाचित अध्यक्ष एवं वार्ड पार्षद का शपथ ग्रहण और उपाध्यक्ष निर्वाचन प्रक्रिया के बाद उपायुक्त डा. कुमार ताराचंद ने सभी जनप्रतिनिधियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आगामी ईद, सरहुल और रामनवमी जैसे महत्वपूर्ण पर्वों के दौरान शहर में शांति और विधि-व्यवस्था बनाए रखना सबसे बड़ी प्राथमिकता होगी। इसमें जनप्रतिनिधियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उपायुक्त ने स्पष्ट रूप से कहा कि किसी भी प्रकार की सूचना या संदिग्ध गतिविधि को बिना देर किए प्रशासन के साथ साझा करें, ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई अपना करीबी भी गलत कार्य करता है तो उसका समर्थन न करें। आज संरक्षण देने पर वही व्यक्ति भविष्य में बड़ी समस्या बन सकता है। अब सभी निर्वाचित प्रतिनिधियों की जिम्मेदारी पहले से अधिक बढ़ गई है।

समन्वय और विकास पर दिया जोर
उपायुक्त ने कहा कि जनप्रतिनिधि अपने-अपने क्षेत्रों में विकास कार्यों को प्राथमिकता दें। लोहरदगा शहर का विकास अब उनके कार्यों पर निर्भर करेगा। उन्होंने आपसी समन्वय बनाए रखने और किसी भी समस्या के समाधान के लिए संवाद को जरूरी बताया। समय-समय पर बैठक कर समस्याओं पर चर्चा करने की भी अपील की।


इंटरनेट मीडिया पर रखें विशेष नजर : एसपी
पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी ने जनप्रतिनिधियों को इंटरनेट मीडिया के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि आज के दौर में इंटरनेट मीडिया पर डाली गई कोई भी पोस्ट तेजी से वायरल हो जाती है, जिससे माहौल बिगड़ सकता है। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि अपने क्षेत्र के लोगों के साथ लगातार संपर्क में रहते हैं, इसलिए उनकी जिम्मेदारी है कि वे किसी भी भड़काऊ या आपत्तिजनक पोस्ट को रोकने का प्रयास करें। अपने जान-पहचान के लोगों को भी ऐसी पोस्ट करने से मना करें, जो किसी की भावना को ठेस पहुंचाए। उन्होंने साफ कहा कि किसी भी तरह की संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें, ताकि शहर का सौहार्द बना रहे।

निषेधाज्ञा के बीच शांतिपूर्ण मतदान प्रक्रिया
चुनाव को लेकर समाहरणालय परिसर में विधि-व्यवस्था बनाए रखने हेतु निषेधाज्ञा लागू की गई थी। प्रशासन की सख्ती और सतर्कता के बीच पूरी प्रक्रिया शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई। परिसर में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे, जिससे किसी प्रकार की अव्यवस्था की स्थिति उत्पन्न नहीं हो सकी।

समर्थकों में दिखा उत्साह, परिणाम तक डटे रहे लोग
निर्वाचन को लेकर सुबह से ही समाहरणालय परिसर के बाहर समर्थकों की भीड़ जुटनी शुरू हो गई थी। हालांकि निषेधाज्ञा के कारण लोगों को निर्धारित दूरी पर रोका गया, फिर भी समर्थकों में खासा उत्साह देखने को मिला। परिणाम घोषित होने तक समर्थक मौके पर डटे रहे और जैसे ही निर्विरोध जीत की घोषणा हुई, समर्थकों में खुशी की लहर दौड़ गई।

पार्षदों का समर्थन जुटाने में सफल रहे कादिर अली
राजनीतिक दृष्टिकोण से यह चुनाव महत्वपूर्ण माना जा रहा था। अब्दुल कादिर अली ने पहले ही पार्षदों का व्यापक समर्थन अपने पक्ष में कर लिया था। यही कारण रहा कि उनके खिलाफ किसी अन्य प्रत्याशी ने नामांकन दाखिल नहीं किया। उनकी सक्रियता और संपर्क साधने की रणनीति इस जीत में निर्णायक साबित हुई।


नगर विकास को लेकर जताई उम्मीदें
अब्दुल कादिर अली के निर्विरोध उपाध्यक्ष बनने के बाद नगरवासियों में विकास को लेकर नई उम्मीद जगी है। लोगों का मानना है कि नगर परिषद की नई टीम समन्वय बनाकर शहर के विकास कार्यों को गति देगी।







