BJP के सम्मान समारोह में धनबाद-हजारीबाग से नहीं आये बीजेपी समर्थित पार्षद, बागी संजीव सिंह और अरविंद राणा ने बनाई दूरी

Picture of Live Dainik

Live Dainik

March 9, 2026

BJP के सम्मान समारोह में धनबाद-हजारीबाग से नहीं आये बीजेपी समर्थित पार्षद, बागी संजीव सिंह और अरविंद राणा ने बनाई दूरी

रांचीः झारखंड बीजेपी की ओर से रविवार को एक बैंक्वेट हॉल में झारखंड नगर निकाय चुनाव में समर्थित, विचार परिवार के विजयी प्रत्याशियों को सम्मानित किया गया। लेकिन इस समारोह में धनबाद और हजारीबाग से बीजेपी समर्थित पार्षद शामिल नहीं हुए। वहीं धनबाद और हजारीबाग में बागी प्रत्याशी होकर चुनाव जीतनेवाले संजीव सिंह और अरविंद राणा ने भी कार्यक्रम से दूरी बनाये रखी। कार्यक्रम में रांची नगर निगम के लगभग एक दर्जन पार्षदों की मौजूदगी रही।

प्रिंस खान के गुर्गे के साथ धनबाद में पुलिस का एनकाउंटर, एक अपराधी को लगी गोली, एक पुलिसकर्मी भी जख्मी
वहीं चिरकुंडा नगर परिषद से बागी उम्मीदवार होकर चुनाव जीतने वाली सुनीता देवी समारोह में शामिल हुई। हालांकि पार्टी की ओर से सभी बागियों को भी कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था। समारोह में रांची नगर निगम की मेयर रोशनी खलखो, मेदिनीनगर नगर निगम की मेयर अरुणा शंकर, आदित्यपुर के मेयर संजय सरदार समेत चार नगर परिषद के अध्यक्ष और छह नगर पंचायत अध्यक्ष के साथ 387 पार्षदों को सम्मानित किया गया।

See also  नगर निकाय चुनाव में जीत के बाद विजय उम्मीदवारों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से की मुलाकात, सुधा गुप्ता को कल्पना ने हाथ से खिलाई मिठाई

झारखंड के एक हैवीवेट सांसद बिहार में बना रहे है 7 स्टार होटल, बड़े ग्रुप के साथ मिलकर गुपचुप कर ली भूमि पूजन
इस सम्मान समारोह में धनबाद के मेयर संजीव सिंह और हजारीबाग के अरविंद राणा के नहीं पहुंचने के सियासी मायने निकाले जा रहे है। बीजेपी के पूर्व विधायक रहे संजीव सिंह की पत्नी रागिनी सिंह झरिया से बीजेपी की विधायक है। नगर निकाय चुनाव में बीजेपी के द्वारा समर्थिन नहीं मिलने पर संजीव सिंह ने बागी होकर चुनाव लड़ा और बड़ी जीत दर्ज की। इस चुनाव में बीजेपी समर्थित उम्मीदवार संजीव अग्रवाल चौथे नंबर पर रहे। संजीव सिंह की जीत के बाद धनबाद से बीजेपी विधायक राज सिन्हा ने उन्हें घर जाकर जीत की बधाई दी थी। सम्मान समारोह कार्यक्रम में बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने कहा कि भाजपा के आंदोलन की वजह से हुए निकाय चुनावों में जनता ने पार्टी समर्थित प्रत्याशियों को समर्थन दिया है।दो साल से निकाय में अफसरशाही चल रही थी। अब चुने हुए प्रतिनिधियों को निचले स्तर पर विकास कार्यों में तेजी लानी है।

See also  हजारीबाग के डुमरौन हिंसक झड़प मामले में 45 नामजद और 200 अज्ञात पर प्राथमिकी दर्ज, तीन गिरफ्तार
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now