रांचीः झारखंड में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के तहत मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए फॉर्म 7 का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल हो रहा है।राज्य निर्वाचन कार्यालय को विभिन्न जिलों से मिली रिपोर्ट के अनुसार 4606 लोगों के नाम पर बूथ लेबल एजेंट (बीएलए) ने आपत्ति दर्ज की है। विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के बीएलए ने ऐसे लोगों के दस्तावेज गलत होने या इन मतदाताओं के विदेशी होने की आशंका जताते हुए मतदाता सूची से उनके नाम हटाने की मांग की है।
चतरा जिले में ऐसे सर्वाधिक 1774 लोगों के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराई गई है। हालांकि इनमें से कई लोगों ने खुद ही अपना नाम डिलीट करने का आग्रह किया है। जिन लोगों के नाम पर आपत्ति दर्ज कराई गई है, उन सबके मामले में राज्य निर्वाचन कार्यालय ने जांच का निर्देश दिया है। इन आपत्तियों का मामला इन दिनों काफी चर्चा में है। सभी जिलों में विभिन्न राजनीतिक दलों के बूथ लेवल एजेंटों द्वारा बड़ी संख्या में फॉर्म 7 दाखिल किए जाने से राजनीतिक और प्रशासनिक स्तर पर सक्रियता तेज हो गई है।

किस जिले में कितने फॉर्म 7 जमा
जिला फॉर्म 7 मिले
साहिबगंज 99
पाकुड़ 26
दुमका 32
जामताड़ा 40
देवघर 541
गोड्डा 78
कोडरमा 12
हजारीबाग 114
रामगढ़ 49
चतरा 1774
गिरिडीह 228
बोकारो 111
जिला फॉर्म 7 मिले
धनबाद 114
पू. सिंहभूम 102
सरायकेला 29
प. सिंहभूम 597
रांची 196
खूंटी 19
गुमला 46
सिमडेगा 17
लोहरदगा 9
लातेहार 124
पलामू 184
गढ़वा 65
जमशेदपुर कांग्रेस जिला महामंत्री मो. वासिम को लेकर नया विवाद
फर्जीवाड़ा कर एसआईआर में नाम जुड़वाने की कोशिश करने वाले तीन अफगानी नागरिकों के बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। ये तीनों कांग्रेस के जिला महामंत्री मो. वासिम के घर किराए पर रहते थे। जांच में पता चला कि मो. वासिम के दो बेटे मलेशिया में रहते हैं। वहां की महिलाओं से शादी कर रखी है। फिर भी दोनों के नाम जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र की मतदाता सूची में दर्ज है। वासिम की बेटी का नाम भी सूची में है। बेटी की शादी हो चुकी है ओर पति दुबई में रहते हैं। लेकिन उनका नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया गया है। जांच में पता चला कि इस क्षेत्र के काफी लोग अपनी शादीशुदा बेटियों का नाम मायके की ही मतदाता सूची में रखना चाहते हैं।





