सरायकेला-खरसावांः चांडिल अनुमंडल क्षेत्र में एक बार फिर अवैध बालू का कारोबार तेज हो गया है। जिला प्रशासन की सख्ती के दावों के बावजूद तिरुलडीह और ईचागढ़ के नदी घाटों से खुलेआम बालू का अवैध उत्खनन और तस्करी जारी है। स्थिति यह है कि क्षेत्र में लगाए गए तीन चेकनाका केवल औपचारिकता बनकर रह गए हैं और इनके बावजूद रोजाना सैकड़ों हाईवा बालू लादकर जमशेदपुर और पड़ोसी राज्य पश्चिम बंगाल के लिए रवाना हो रहे हैं।
सरायकेला-खरसावां के चांडिल में धरल्ले से हो रही है अवैध बालू का कारोबार
पुलिस-प्रशासन के आंख के नीचे अवैध बालू का खनन जारी@SaraikelaPolice #JharkhandPolice pic.twitter.com/wx5sz3bgeO
— Live Dainik (@Live_Dainik) February 21, 2026
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शाम ढलते ही शुरू हो जाता है अवैध कारोबार
स्थानीय लोगों के अनुसार दिन में अपेक्षाकृत सन्नाटा रहता है, लेकिन जैसे ही शाम होती है, अवैध बालू लदे ट्रैक्टर और हाईवा सक्रिय हो जाते हैं। पहले ट्रैक्टरों से नदी घाटों से बालू निकालकर सुरक्षित स्थानों पर जमा किया जाता है, इसके बाद रात के अंधेरे में हाईवा के जरिए बड़े पैमाने पर इसकी ढुलाई की जाती है।
सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को नहीं मिल रहा बालू
अवैध कारोबार का सीधा असर आम लोगों और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों पर पड़ रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना और अबुआ आवास योजना के तहत घर बना रहे लाभार्थियों को निजी निर्माण के लिए बालू उपलब्ध नहीं हो पा रहा है। मजबूरी में ग्रामीणों को ऊंचे दाम चुकाने पड़ रहे हैं।
प्रति ट्रैक्टर बालू की कीमत: 4 हजार से 4.5 हजार रुपये
प्रति हाईवा बालू की कीमत: 25 हजार से 30 हजार रुपये
इससे गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए घर बनाना मुश्किल होता जा रहा है।
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सुवर्णरेखा नदी के घाट बने अवैध उत्खनन के मुख्य केंद्र
अवैध उत्खनन मुख्य रूप से सुवर्णरेखा नदी के विभिन्न घाटों पर हो रहा है। ईचागढ़ क्षेत्र के जारगोडीह सोड़ो, बीरडीह, बामुनडीह और रायडीह घाट तथा तिरुलडीह क्षेत्र के तिरुलडीह, सपादा, सपारुम और पैलोंग घाट अवैध बालू निकासी के प्रमुख केंद्र बन गए हैं। यहां से बालू निकालकर पहले स्टॉक किया जाता है और फिर बड़े वाहनों से बाहर भेजा जाता है।
प्रशासनिक कार्रवाई पर उठ रहे सवाल
क्षेत्र में तीन चेकनाका होने के बावजूद अवैध बालू से लदे वाहनों की आवाजाही जारी रहने से प्रशासन की निगरानी और कार्रवाई पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि सख्ती से निगरानी और कार्रवाई की जाए, तो इस अवैध कारोबार पर रोक लगाई जा सकती है।




