झारखंड विधानसभा में राज्यपाल संतोष गंगवार का अभिभाषण, केंद्र से आर्थिक सहयोग के अभाव में राज्य की महत्वाकांक्षी योजनाएं लागू करने में हो रही कठिनाई

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February 18, 2026

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रांचीःझारखंड विधानसभा के बजट सत्र के पहले दिन अपने अभिभाषण में राज्यपाल संतोष कुमार गंगवार ने संघीय ढांचे की मजबूती पर जोर देते हुए कहा कि राज्यों के समुचित विकास के लिए केंद्र सरकार का समयबद्ध आर्थिक सहयोग अनिवार्य है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि झारखंड को विकसित और समृद्ध किए बिना देश की समग्र उन्नति संभव नहीं है।
राज्यपाल ने कहा कि वांछित आर्थिक सहायता के अभाव में राज्य सरकार को कई महत्वाकांक्षी योजनाओं को लागू करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे में केंद्र से अपेक्षित सहयोग और संसाधन उपलब्ध कराए जाने की आवश्यकता है।

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समावेशी विकास सरकार की प्राथमिकता
राज्यपाल ने कहा कि सरकार का ‘राजधर्म’ हर वर्ग के लिए समावेशी विकास सुनिश्चित करना है। इसमें तीव्र आर्थिक वृद्धि, अधोसंरचना विस्तार, गरीबों और कमजोर वर्गों का कल्याण, किसानों एवं महिलाओं का सशक्तिकरण तथा युवाओं के लिए रोजगार सृजन प्रमुख लक्ष्य हैं।
कानून-व्यवस्था पर जीरो टॉलरेंस
सरकार ने कानून-व्यवस्था को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है। वर्ष 2025 में साइबर अपराध के 1,413 मामलों में 1,268 अपराधियों की गिरफ्तारी की गई।साइबर हेल्पलाइन 1930 के माध्यम से 111 करोड़ रुपये की राशि ब्लॉक की गई, जबकि धारा 497 बीएनएस के तहत लगभग 12 करोड़ रुपये पीड़ितों को वापस कराए गए। भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए 54 लोकसेवकों की गिरफ्तारी भी की गई है।
वैश्विक मंच पर झारखंड की उपस्थिति
राज्य के औद्योगिक विकास को नई दिशा देने के लिए सरकार ने पहली बार वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के दावोस सम्मेलन में भाग लेकर निवेश-उन्मुख नीतियों और “ग्रोथ इन हार्मनी विद नेचर” आधारित विकास मॉडल को प्रस्तुत किया।इसके बाद यूनाइटेड किंगडम, विशेषकर लंदन में उच्चस्तरीय बैठकों के माध्यम से निवेश संभावनाओं को मजबूत किया गया। इस संयुक्त पहल के तहत राज्य को अब तक लगभग 1.27 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।
उद्योग और एमएसएमई को बढ़ावा
ईज ऑफ डूइंग बिजनेस के तहत सुधार लागू करते हुए झारखंड एमएसएमई (स्पेशल कंसेशन) एक्ट, 2025 लागू किया गया है। बुनकरों, शिल्पियों और रेशम उत्पादकों को उन्नत प्रशिक्षण देकर स्वरोजगार को प्रोत्साहन दिया जा रहा है।

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युवाओं के लिए रोजगार और कौशल विकास
वित्तीय वर्ष में 229 भर्ती कैंप और 85 रोजगार मेलों के माध्यम से 12,576 युवाओं का चयन किया गया। झारखंड लोक सेवा आयोग सिविल सेवा परीक्षा-2023 के 342 अभ्यर्थियों सहित विभिन्न पदों पर हजारों नियुक्तियां की गईं। सात राज्यों में प्रवासन सहायता केंद्र खोलकर बाहर कार्यरत श्रमिकों को कानूनी और वित्तीय मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जा रहा है।
डिजिटल और आईटी क्षेत्र में प्रगति
रांची, सिंदरी और देवघर में सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क का निर्माण पूरा किया गया है। आइटी, डेटा सेंटर और स्टार्टअप नीति के माध्यम से युवाओं को तकनीकी उद्यमिता के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। ग्राम पंचायत स्तर तक इंटरनेट सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य तेज किया गया है।
सामाजिक कल्याण पर विशेष बल
पूरक पोषाहार कार्यक्रम, सावित्रीबाई फूले किशोरी समृद्धि योजना और बाल विवाह मुक्त झारखंड अभियान के तहत उल्लेखनीय उपलब्धियां दर्ज की गई हैं। वर्तमान वित्तीय वर्ष में 3.5 लाख लाभुकों को 130 करोड़ रुपये की सहायता दी गई। राज्य ने एक लाख से अधिक बाल विवाह रोककर राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी स्थान प्राप्त किया है।
लोकतांत्रिक मूल्यों के पालन का आह्वान
अंत में राज्यपाल ने सदन से लोकतांत्रिक गरिमा बनाए रखते हुए सार्थक वाद-विवाद और सर्वसम्मति से जनहित में निर्णय लेने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि “उत्तम से सर्वोत्तम राज्य” बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों को सदन का पूर्ण सहयोग मिलेगा।

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