रांचीः ईडी ने 521 करोड़ रुपये के चिटफंड घोटाला केस में आरोपित कंपनी मैक्सीजोन व उसके संचालकों पर रांची स्थित ईडी की विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। जिनपर चार्जशीट दाखिल की गई है, उनमें आरोपित कंपनी मैक्सीजोन के अलावा उसके निदेशक चंद्रभूषण सिंह व उनकी पत्नी प्रियंका सिंह को आरोपित बनाया गया है।
आरोप है यह कंपनी निवेश के लिए रजिस्टर्ड नहीं थी। मैक्सीजोन टेक प्राइवेट लिमिटेड का काम मार्केटिंग का था, लेकिन इसने चिटफंड कंपनी की तरह निवेश कराना शुरू कर दिया। निवेशकों को कम समय में बेहतर रिटर्न का झांसा दिया गया। निवेशकों में विश्वास जमाने के लिए कंपनी ने कुछ लोगों को कम समय में 15 से 20 प्रतिशत तक का रिटर्न दिया, जिसके बाद निवेशकों की संख्या बढ़ती चली गई।
करोड़ों रुपये जमा होने के बाद कंपनी ने अपना कार्यालय बंद कर दिया और इसके निदेशक फरार हो गए। ईडी ने बैंक में सत्यापन किया तो पूरा मामला 521 करोड़ रुपये का आया। ठगी की यह राशि 21 बैंकों में जमा की गई थी। इसमें से अब तक 308 करोड़ रुपये के निवेशकों की पहचान व उनका सत्यापन किया जा चुका है। ईडी ने कोर्ट को बताया है कि इस मामले में अनुसंधान अभी जारी है।
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फरारी के बाद मैक्सीजोन कंपनी के निदेशक चंद्रभूषण सिंह ने अपना नाम बदलकर दीपक सिंह रख लिया। उसने अपने इस नाम का फर्जी दस्तावेज भी बना लिया। अगस्त 2023 में वह नोएडा से पकड़ा गया था। वह मूल रूप से बिहार के वैशाली जिले का रहने वाला है।
मैक्सीजोन चिटफंड घोटाला केस में जमशेदपुर में तीन प्राथमिकी दर्ज हैं। इसके आधार पर ईडी की रांची स्थित जोनल कार्यालय में पीएमएलए के तहत इंफोर्समेंट केस इंफार्मेशन रिपोर्ट (ईसीआइआर) दर्ज किया गया था।
इसी केस के आधार पर ईडी ने 16 सितंबर 2025 को इस चिटफंड कंपनी के संचालकों से जुड़े झारखंड, बिहार, उत्तर प्रदेश, राजस्थान व कर्नाटक स्थित ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस छापेमारी में मिली नई जानकारियों के बाद ईडी ने चार दिसंबर 2025 को दूसरी बार दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद स्थित 20 ठिकानों पर छापेमारी की थी।
ईडी ने रांची स्थित पीएमएलए कोर्ट से आग्रह किया है कि चिटफंड कंपनी मैक्सीजोन की चल-अचल संपत्ति की कुर्की-जब्ती की अनुमति दें। ईडी ने कोर्ट को बताया है कि आरोपितों ने अपराध की आय से करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्ति अर्जित की है। इन सभी संपत्ति को चिह्नित किया गया है, जिनकी जब्ती की जा सकती है। कोर्ट की अनुमति मिलते ही ईडी संपत्ति जब्ती की कार्रवाई करेगी।
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