जमशेदपुरः बिष्टुपुर स्थित सीएच एरिया के युवा उद्यमी कैरव गांधी के अपहरण में इस्तेमाल फॉर्च्यूनर में सीएच एरिया के उद्यमी संदीप मल्होत्रा की कार का नंबर (जेएच05डीएन 1231) लगा था। संदीप की गम्हरिया में स्पंज आयरन की कंपनी है। इसका पता चलते ही पुलिस ने मामले में उद्योगपति संदीप की संलिप्तता की जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कैरव अपहरणकांड के मुख्य साजिशकर्ता तेजिंदर पाल सिंह और उद्योगपति संदीप मल्होत्रा में क्या संबंध है! या साजिश के तहत संदीप मल्होत्रा की फॉर्च्यूनर के नंबर का इस्तेमाल अपरहणकर्ताओं ने अपनी कार में किया। इस बारे में जब संदीप मल्होत्रा से जानकारी ली गई तो उन्होंने बताया कि उनके पास सात कार है, सभी का नंबर 1231 है। इसमें दो फॉर्च्चूनर है, जिसमें एक का नंबर जेएच05डीएन 1231 और दूसरे का नंबर जेएच05सीसी 1231 है। अपहरणकर्ताओं ने उनकी कार के नंबर का इस्तेमाल क्यों किय, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है। वे किसी तेजिंदर पाल सिंह को भी नहीं जानते है। उनका इस अपहरण से कोई लेना-देना नहीं है।
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पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार मो. इमरान ने बताया कि अपहरण से पूर्व फॉर्च्यूनर कार में पुलिस का स्टीकर और लाल-ब्लू फ्लैश लाइट लगाकर तीन वर्दीधारी व एक सादे ड्रेस में (पगड़ी पहने हुए) अपराधी चांडिल पहुंचे और वहां इंतजार करने लगे। मो. इमरान नामक अपराधी रांची से स्कार्पियो बीआर01पीई 1062 लेकर पहुंचा, तो फॉर्च्चूनर से उतरकर दो वर्दीधारी और सादे लिबास वाला अपराधी उसमें सवार हो गये। स्कार्पियो में मो. इमरान के अलावा चालक रमीज राजा भी था, सभी कदमा-सोनारी लिंक रोड़ पहुंचे। कैरव गांधी का अपहरण करने के बाद स्कार्पियो से सभी चांडिल पहुंचे और वहां खड़ी फॉर्च्चूनर कार में सवार होकर बिहार के डोभी चले गये। जहां गुड्डू सिंह, उपेंद्र सिंह, रुपेश पासवान व उसके साथी पहले से मौजूद थे। डोभी में अपराधियों ने कैरव गांधी को फॉर्च्चूनर से निकालकर पजेरो कार में शिफ्ट किया और गयाजी के सुनसान स्थल पर बने रुपेश पासवान के घर ले गये।
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कैरव अपहरणकांड में अब तक जांच में 16 अपराधियों की संलिप्तता सामने आयी है। इसमें से छह अपरहणकर्ता गिरफ्तार किये गये हैं। मालूम हो कि 13 जनवरी को युवा उद्यमी कैरव गांधी का अपराधियों ने अपहरण कर लिया था। 14वें दिन यानी 27 जनवरी की सुबह में पुलिस ने कैरव गांधी को बरामद किया और घर लेकर पहुंची थी।




