डेस्कः जनसुराज पार्टी के प्रमुख प्रशांत किशोर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को रद्द करने की याचिका प्रशांत किशोर की तरफ से दायर की गई थी। इस पर आज सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई से ही इनकार कर दिया। कोर्ट की तरफ से कहा गया कि चुनाव रद्द करने की मांग उचित नहीं है।अगर जनसुराज पार्टी चाहती है तो हाईकोर्ट जा सकती है।
बिहार विधानसभा चुनाव को रद्द कराने की मांग, प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज पहुंची सुप्रीम कोर्ट
प्रशांत किशोर ने क्या की थी मांग?
प्रशांत किशोर ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 को रद्द कर दोबारा चुनाव कराने की मांग की थी। इसे लेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। याचिका में कहा गया था कि चुनाव के एलान के बाद मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना के तहत महिलाओं को 10-10 हजार रुपए की सहायता राशि दी गई थी। इसे उन्होंने आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन बताकर आरोप लगाया था, जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने से इनकार कर दिया।
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वोट खरीदने की कोशिश का आरोप
प्रशांत किशोर की तरफ से याचिका में यह भी बताया गया कि महिलाओं को 10-10 हजार रुपए सहायता राशि देकर वोट खरीदने की कोशिश की गई। जनसुराज ने अनुरोध किया है कि चुनाव रद्द कर नए सिरे से चुनाव कराया जाए। चुनाव आयोग ऐसे निर्देश जारी करे, ताकि चुनाव से ठीक पहले जनता को लुभाने वाली योजनाओं पर रोक लग सके।
बिहार चुनाव 2025 में नहीं खुला था पीके का खाता
बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में एनडीए की जीत हुई थी। एनडीए के खाते में 202 सीटें गई थी। जबकि महागठबंधन को सिर्फ 35 सीटों पर ही जीत मिली थी। चुनाव में प्रशांत किशोर की पार्टी जनसुराज का खाता तक नहीं खुल पाया था। लेकिन हार की जिम्मेदारी प्रशांत किशोर ने खुद पर ही ली थी। पीके से पहले विपक्ष के कई नेताओं ने पैसे देकर महिलाओं से वोट खरीदने का आरोप लगाया था।लेकिन प्रशांत किशोर से इसे सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, जिस पर कोर्ट ने सुनवाई से इनकार कर दिया।



