डेस्कः मणिपुर में नई सरकार को 24 घंटे नहीं हुए और वहां हिंसा भड़क गई। राज्य के चुराचंदपुर में डिप्टी सीएम के तौर पर नेमचा किपगेन और लोसी दिखो के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान सुरक्षा बलों और भीड़ के बीच हिंसा भड़क उठी है। मणिपुर पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल भी किया है। बता दें कि मणिपुर में बीते कई सालों से जारी हिंसा के बीच केंद्र सरकार ने बीते साल राज्य में राष्ट्रपति शासन घोषित कर दिया था। इसके बाद हाल ही में युमनाम खेमचंद सिंह के नेतृत्व में राज्य में नई सरकार का गठन किया गया था।
मणिपुर फिर सुलग उठा है…दो दिन पहले ही यहां से राष्ट्रपति शासन हटाया गया था…
कुकी समुदाय अपने विधायकों के सरकार में शामिल होने से नाराज़ है। जिसके बाद पत्थरबाज़ी और आगजनी शुरू हो गई… pic.twitter.com/fg1ZM9j6eW
— Mamta Tripathi (@MamtaTripathi80) February 5, 2026
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सरकार गठन के महज 24 घंटे बाद भड़की हिंसा
मणिपुर में राष्ट्रपति शासन हटने और युम्नाम खेमचंद सिंह की नयी सरकार के गठन के महज 24 घंटे बाद एक बार फिर हिंसा भड़क उठी है। चुराचांदपुर में सड़क पर उतरे कुकी समूहों ने अपने समुदाय के विधायकों को मणिपुर सरकार गठन में भाग नहीं लेने की चेतावनी दी है। इसके साथ ही उन्होंने चुराचांदपुर में पूरी तरह बंद और विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान कई जगह गोलीबारी की भी घटना हुई है। Joint Front 7 ने कुकी-ज़ो क्षेत्रों में 12 घंटे के बंद का आह्वान किया है।
मणिपुर में फिर भड़की हिंसा: चुराचांदपुर में सुरक्षा बलों और प्रदर्शनकारियों की झड़प, कूकी विधायकों के सरकार में शामिल होने का विरोध
क्यों भड़क उठी है हिंसा?
दरअसल, खेमचंद सरकार में कुकी-ज़ो समुदाय के विधायक नेमचा किपगेन के डिप्टी सीएम बनने और दो विधायकों के समर्थन से पूरे समुदाय में नाराजगी है। राज्य के चुराचांदपुर जिले में नई सरकार को लेकर विरोध प्रदर्शन हुआ, जिसके बाद तुइबोंग इलाके में तनाव का माहौल बना हुए है। पूरे दिन स्थिति तनावपूर्ण बनी रही, जिस वजह से प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच भीषण झड़पें हुईं। हालात और न बिगड़े इसे लेकर क्षेत्र में सुरक्षा बलों की भारी तैनाती की गई है।







































































































