बीजिंग/वॉशिंगटन : चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping और अमेरिका के राष्ट्रपति Donald J. Trump के बीच 4 फरवरी 2026 की शाम फोन पर महत्वपूर्ण बातचीत हुई। इस दौरान दोनों नेताओं ने चीन-अमेरिका संबंधों, वैश्विक चुनौतियों और आपसी सहयोग को लेकर विस्तार से विचार साझा किए।
चीन-अमेरिका रिश्तों को लेकर शी जिनपिंग का संदेश
राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि बीते एक वर्ष में दोनों देशों के बीच संवाद मजबूत रहा है और बुसान में हुई बैठक ने द्विपक्षीय संबंधों की दिशा तय की। उन्होंने इस रिश्ते को बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि 2026 में दोनों देश समानता, सम्मान और आपसी लाभ के आधार पर आगे बढ़ें।
शी जिनपिंग ने कहा कि:
- चीन अपने शब्दों और कार्यों में एकरूपता रखता है
- मतभेदों को सही तरीके से संभालते हुए व्यावहारिक सहयोग बढ़ाया जाना चाहिए
- छोटे-छोटे सकारात्मक कदम भी भरोसा बढ़ाने में अहम होते हैं
उन्होंने यह भी बताया कि 2026 में चीन 15वीं पंचवर्षीय योजना की शुरुआत करेगा और APEC आर्थिक नेताओं की बैठक की मेजबानी करेगा, जबकि अमेरिका स्वतंत्रता की 250वीं वर्षगांठ मनाएगा और G20 शिखर सम्मेलन आयोजित करेगा।
ताइवान मुद्दे पर चीन की सख्त चेतावनी
राष्ट्रपति शी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि ताइवान का मुद्दा चीन-अमेरिका संबंधों का सबसे संवेदनशील और महत्वपूर्ण प्रश्न है। ताइवान चीन का अभिन्न हिस्सा है और उसकी संप्रभुता व क्षेत्रीय अखंडता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने अमेरिका से ताइवान को हथियारों की बिक्री में सावधानी बरतने की अपील की।
डोनाल्ड ट्रंप का बयान
राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि:
- अमेरिका और चीन दोनों महान देश हैं
- दोनों देशों का संबंध दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण द्विपक्षीय रिश्ता है
- वह राष्ट्रपति शी जिनपिंग का सम्मान करते हैं और चीन की सफलता देखना चाहते हैं
ट्रंप ने यह भी कहा कि वे ताइवान पर चीन की भावनाओं को समझते हैं और अपने कार्यकाल में चीन के साथ संवाद बनाए रखना चाहते हैं।
2026 को “सहयोग का वर्ष” बनाने पर सहमति
फोन वार्ता के अंत में दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि 2026 को आपसी सम्मान, शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व और ‘विन-विन’ सहयोग का वर्ष बनाया जाना चाहिए।ह बातचीत ऐसे समय में हुई है जब China और United States के रिश्ते वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं।








