तिनसुकिया(असम): असम के तिनसुकिया जिले में आयोजित “21वीं आदिवासी महासभा-2026” में झारखंड के मुख्यमंत्री हेमन्त सोरेन शामिल हुए। कार्यक्रम का आयोजन ऑल आदिवासी स्टूडेंट एसोसिएशन ऑफ असम द्वारा किया गया। विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि असम के आदिवासी समाज के सुख-दुख में झारखंड सदैव कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा।
“हमारी एकजुटता ही हमारी पहचान”
मुख्यमंत्री ने कहा कि आदिवासी समाज की ताकत उसकी एकता है। बीते डेढ़ सौ वर्षों से असम में रह रहे आदिवासी-मूलवासी समुदाय की पीड़ा, संघर्ष और अधिकारों की आवाज सुनने के लिए वे स्वयं यहां पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि झारखंड और असम के आदिवासियों का ऐतिहासिक जुड़ाव रहा है, जिसे कमजोर नहीं होने दिया जाएगा।
आदिवासी संघर्ष और ऐतिहासिक योगदान
मुख्यमंत्री ने देश की आज़ादी में झारखंड के वीर सपूतों के योगदान को याद करते हुए भगवान बिरसा मुंडा, सिदो-कान्हू और तिलका मांझी का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जल-जंगल-जमीन की रक्षा के लिए हमारे पूर्वजों ने बलिदान दिया और अंग्रेजों के खिलाफ सबसे पहले लोहा लिया।
मौके पर उन्होंने असम के कद्दावर आदिवासी नेता स्व. प्रदीप नाग और प्रसिद्ध गायक जुबिन गर्ग को श्रद्धांजलि अर्पित की।

“हर वर्ग तक योजनाएं पहुंचाना सरकार का लक्ष्य”
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज़ादी के 75 वर्षों बाद भी आदिवासी, मूलवासी, दलित और पिछड़े वर्ग सामाजिक-आर्थिक चुनौतियों से जूझ रहे हैं। झारखंड सरकार ने प्रखंड-प्रखंड, गांव-गांव और टोला-टोला जाकर योजनाओं को घर-घर पहुंचाया, ताकि गरीब, पीड़ित और वंचित वर्ग को सीधे लाभ मिल सके।
दिशोम गुरु शिबू सोरेन की परिकल्पना साकार
मुख्यमंत्री ने कहा कि अलग झारखंड राज्य की परिकल्पना करने वाले शिबू सोरेन का सपना आज साकार है। उन्होंने याद दिलाया कि 2000 में राज्य बनने के बाद शुरुआती वर्षों में अपेक्षित लाभ नहीं मिला, लेकिन बीते पांच वर्षों में कल्याणकारी योजनाओं से हालात बदलने का काम किया गया।

महिला सशक्तिकरण और विकास मॉडल
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की महिलाएं आज सशक्त हुई हैं और राज्य का विकास मॉडल दूसरे राज्यों के लिए उदाहरण बन रहा है। “हमारे विकास मॉडल की कॉपी दूसरे राज्य कर रहे हैं,” उन्होंने कहा।
देश की अर्थव्यवस्था में झारखंड का बड़ा योगदान
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश की अर्थव्यवस्था में झारखंड सबसे अधिक योगदान देने वाले राज्यों में अग्रणी है। राज्य के संसाधनों का उचित मूल्य दिलाने और उसका लाभ सीधे जनता तक पहुंचाने के लिए सरकार बेहतर कार्यपद्धति के साथ आगे बढ़ रही है।




