लोहरदगा जिले का मुख्य गणतंत्र दिवस समारोह बीएस कॉलेज स्टेडियम में पूरे हर्षोल्लास और गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया। समारोह की मुख्य अतिथि झारखंड सरकार की कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की रहीं। मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने सर्वप्रथम परेड की सलामी ली, इसके पश्चात परेड का निरीक्षण किया और फिर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। ध्वजारोहण के साथ ही पूरा स्टेडियम देशभक्ति के नारों से गूंज उठा और उपस्थित लोगों ने तालियों के साथ तिरंगे का अभिनंदन किया।

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ध्वजारोहण के उपरांत पुलिस बल, गृह रक्षक, एनसीसी एवं स्काउट-गाइड के जवानों ने आकर्षक एवं अनुशासित परेड प्रस्तुत की। जवानों की लयबद्ध कदमताल और अनुशासन ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया, जिसे उपस्थित लोगों ने भरपूर सराहना दी।

अपने संबोधन में मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने स्वतंत्रता आंदोलन के वीर सपूतों को नमन करते हुए कहा कि भारत का गणतंत्र अनगिनत बलिदानों का प्रतिफल है। उन्होंने भगवान बिरसा मुंडा सहित आदिवासी आंदोलन के नायकों एवं देश के महान स्वतंत्रता सेनानियों की वीर गाथा का स्मरण किया। साथ ही अपने भाषण में अलगाववाद पर सख्त संदेश देते हुए कहा कि देश की एकता और अखंडता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा कि संविधान ही वह मजबूत आधार है, जो देश को एक सूत्र में बांधता है और प्रत्येक नागरिक को समान अधिकार प्रदान करता है। ये क्षण देश की आजादी और अपने संविधान पर गर्व करने का होता है। स्वतंत्रता सेनानियों ,वीर सपूतों , महापुरुषों के योगदान और बलिदान को नमन करते हुए इतिहास के पन्नों को पलटना जरूरी है । 26 जनवरी 1950 को 21 तोपों की सलामी और राष्ट्रपति डॉ राजेंद्र प्रसाद के द्वारा तिरंगे का ध्वजारोहण के साथ भारत का संविधान देश को समर्पित हुआ। संविधान लागू करने के लिए 26 जनवरी की तिथि का निर्धारण क्यों किया गया इसे भी जानना चाहिए। दरअसल 26 जनवरी 1930 को भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस ने अपने लाहौर अधिवेशन में पूर्ण स्वराज का प्रस्ताव पारित किया था।जिसे भारत के पहले स्वतंत्रता दिवस के रूप मनाया गया था ।26 जनवरी 1950 को दिल्ली की ठंडी सुबह में देशभक्ति की गर्माहट के बीच सी राजगोपालाचारी ने भारत को संप्रभु लोकतांत्रिक गणराज्य घोषित किया ।आज के दौर में देशभक्ति के बजाय कुछ लोग धर्मभक्ति को बढ़ावा देने में लगे है। युवाओं को स्वतंत्रता संग्राम के महत्व के साथ इसके इतिहास को पढ़ने की जरूरत है।देश की आजादी में वीर सपूतों के त्याग और बलिदान को अनुभव कर युवा समाज में एक गहरी लकीर खींच सकते है । संविधान में समानता का अधिकार दिया गया है।

मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने युवाओं से संविधान के मूल्यों को आत्मसात करने, लोकतंत्र को मजबूत करने और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि समाज को तोड़ने की राजनीतिक साजिश करने वालों से सचेत रहने की जरूरत है । लोहरदगा के कुड़ू की घटना निंदनीय है । सरकार अलगाववादी सोच को खारिज करती है और इसके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

समारोह के दौरान विभिन्न विभागों और संस्थाओं द्वारा भव्य झांकियों का प्रदर्शन किया गया। जिले में बॉक्साइट खनन से जुड़ी हिंडालको कंपनी की झांकी के साथ-साथ बेटी पढ़ाओ–बेटी बचाओ, सड़क सुरक्षा–जीवन रक्षा, कल्याण एवं स्वास्थ्य विभाग, कृषि संपदा तथा महिला मंडल समूहों के विकास कार्यों से संबंधित झांकियां प्रस्तुत की गईं, जो दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। कार्यक्रम के समापन अवसर पर बेहतर परेड और उत्कृष्ट झांकी प्रस्तुत करने वाले प्रतिभागियों एवं विभागों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।गणतंत्र दिवस के अवसर पर झारखंड आंदोलनकारियों को सम्मान , चौकीदारों और अनुकम्पा पर बहाल लोगों को नियुक्ति पत्र भी दिया गया।




