शिबू सोरेन को पद्म भूषण मिलने के ऐलान का हेमंत ने किया स्वागत, जेएमएम ने कहा भारत रत्न की मांग रहेगी जारी

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Live Dainik

January 25, 2026

Hemant welcomed the announcement of Padma Bhushan for Shibu Soren, JMM said the demand for Bharat Ratna will continue.

रांचीः हेमंत सोरेन ने दिवंगत शिबू सोरेन को पद्म भूषण दिए जाने का स्वागत किया है । उन्होंने केंद्र सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि स्व बाबा दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी भारत रत्न थे, हैं और सदैव रहेंगे। जेएमएम ने भी इस फैसले का स्वागत किया है लेकिन कहा कि भारत रत्न देने की मांग जारी रहेगी । 

शिबू सोरेन को पद्म भूषण

भारत सरकार ने 2026 के लिए पद्म पुरस्कारों की घोषणा कर दी है । दिशोम गुरु शिबू सोरेन को पद्म भूषण देने का एलान हुआ है । मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा है कि “हम सबके प्रिय, सम्माननीय और आदरणीय बाबा स्व दिशाेम गुरुजी शिबू सोरेन जी को पद्म भूषण सम्मान से घोषणा के लिए, झारखंड की समस्त जनता की ओर से मै केंद्र सरकार को हार्दिक आभार और धन्यवाद देता हूं।”

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हेमंत सोरेन ने किया स्वागत

उन्होंने कहा कि ” दिशोम गुरुजी का जीवन राजनीतिक सीमाओं से कहीं परे, अनंत तक जाता है। उनका संपूर्ण जीवन समता, समावेशी और सामाजिक न्याय, अस्मिता, आदिवासी पहचान, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण तथा शोषित-वंचित वर्गों के हक और अधिकारों के लिए किए गए विराट संघर्ष का साक्षी रहा है।”यह वही संघर्ष था, जिसने दशकों की सामाजिक और राजनीतिक लड़ाई के बाद झारखंड को उसका अपना राज्य दिलाया और झारखंडवासियों को झारखंडी होने का गर्व।

शिबू सोरेन हैं भारत रत्न

गौरतलब है कि शिबू सोरेन को भारत रत्न दिए जाने की मांग जेएमएम की ओर से हो रही है । हेमंत सोरेन ने बताया कि  “झारखंड की जनता के हृदय और विचारों में, और लद्दाख से केरल तक, राजस्थान से असम तक देश के आदिवासी समाज के बीच, भारत मां के सच्चे सपूत, स्व बाबा दिशोम गुरु शिबू सोरेन जी भारत रत्न थे, हैं और सदैव रहेंगे।”

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जेएमएम करता रहेगा भारत रत्न की मांग

इधर जेएमएम की ओर से भी बयान आया है कि झामुमो के महासचिव विनोद पांडेय ने पद्म भूषण सम्मान दिए जाने पर भारत सरकार के निर्णय का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि गुरुजी भारतीय मिट्टी के सच्चे सपूत थे, जिन्होंने हाशिये पर खड़े आदिवासी समाज को देश की मुख्यधारा में आवाज दी। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि गुरुजी की जीवन-यात्रा और योगदान को देखते हुए भारत रत्न की मांग आगे भी जारी रहेगी।

11 जनवरी 1944 को नेमरा में हुआ था जन्म

दिशोम गुरु शिबू सोरेन का जन्म 11 जनवरी 1944 को रामगढ़ जिले के नेमरा गांव में हुआ था। किशोरावस्था में ही पिता की हत्या के बाद उनके जीवन ने संघर्ष का मार्ग चुना। महाजनी शोषण, जमीन की लूट और सामाजिक अन्याय के विरुद्ध उन्होंने आंदोलन खड़ा किया और ग्रामीणों को संगठित कर उनके अधिकारों के लिए आवाज बुलंद की। जल, जंगल और जमीन की रक्षा उनके जीवन का केंद्रीय उद्देश्य रहा। नशा मुक्ति, शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में उनके प्रयासों ने आदिवासी – मूलवासी समाज को नई दिशा दी।

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आठ बार सांसद रहे शिबू सोरेन

गुरुजी चार दशकों तक झारखंड आंदोलन का चेहरा रहे। वे तीन बार राज्य के मुख्यमंत्री बने और दुमका से आठ बार सांसद चुने गए। राज्यसभा सदस्य और केंद्र में मंत्री के रूप में भी उन्होंने अपनी भूमिका निभाई। 4 अगस्त 2025 को 81 वर्ष की आयु में उनका निधन हुआ, लेकिन उनका संघर्ष और विचार आज भी लोगों को प्रेरित करता है।

 

 

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