लोहरदगा : 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम के महान क्रांतिकारी बलिदानी पांडेय गणपत राय की 217वीं जयंती सह विकास मेला का आयोजन बलिदानी के पैतृक गांव भौंरो में भव्य रूप से मनाया गया। इस ऐतिहासिक अवसर पर स्थानीय प्रशासन और बलिदानी पांडेय गणपत राय स्मारक समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में श्रद्धा, विकास और संकल्प का अद्भुत संगम देखने को मिला। लोहरदगा ही नहीं, बल्कि राज्य के विभिन्न जिलों से आए जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने बलिदानी को नमन करते हुए उनके सपनों के भारत के निर्माण का संकल्प लिया।

जयंती समारोह सह विकास मेला कार्यक्रम का शुभारंभ बतौर मुख्य अतिथि राज्यसभा सदस्य दीपक प्रकाश, विशिष्ट अतिथि झारखंड गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद, उपायुक्त डा. कुमार ताराचंद, पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी, पद्मश्री मधु मंसूरी, रांची के प्रसिद्ध न्यूरो सर्जन डा. सीबी सहाय तथा बलिदानी पांडेय गणपत राय की प्रपौत्री डा. वंदना राय समेत अन्य अतिथियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। इससे पहले सभी अतिथियों और स्वजनों ने बलिदानी की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए उन्हें याद किया।

विश्व के सबसे बड़े शिवलिंग की स्थापना, बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार हुए शामिल,विराट रामायण मंदिर में लगा श्रद्धालुओं का तांता
बलिदानी की भूमि से मिली नई ऊर्जा
मुख्य अतिथि दीपक प्रकाश ने कहा कि भौंरों की यह पावन धरती बलिदान की गवाही देती है। उन्होंने कहा कि पांडेय गणपत राय जैसे वीरों की कुर्बानी के कारण ही आज देश आजाद है। यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम ऐसे बलिदानियों को उनका पूरा सम्मान दें। दीपक प्रकाश ने कहा कि लोहरदगा रेलवे स्टेशन का नाम बलिदानी पांडेय गणपत राय के नाम पर रखने के लिए उन्होंने पहले ही केंद्र सरकार और रेल मंत्री प्रस्ताव रखा है, अब सरकार के निर्णय का इंतजार है। उन्होंने कहा कि जल्द ही इसपर पुनः रेल मंत्री से मुलाकात कर फिर से प्रयास तेज करेंगे। उन्होंने कहा कि झारखंड वीरों और शहीदों की धरती रही है, लेकिन दुर्भाग्यवश आज भी कई गुमनाम शहीद इतिहास के पन्नों में दबे हुए हैं। ऐसे सभी बलिदानियों को सम्मान दिलाना हम सबका कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि बलिदानी पांडेय गणपत राय ने जिस समृद्ध, सशक्त और खुशहाल समाज का सपना देखा था, उसे साकार करने के लिए हमें सामूहिक रूप से विकास कार्यों में भागीदारी निभानी होगी।

पाठ्य पुस्तकों में शामिल हो बलिदानियों की जीवनी : राजीव रंजन
कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष राजीव रंजन प्रसाद ने कहा कि झारखंड की धरती वीरों की भूमि है। यहां के सपूतों ने देश की आजादी में अग्रणी भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि पांडेय गणपत राय जैसे बलिदानियों की जीवनी झारखंड ही नहीं, बल्कि पूरे देश की पाठ्य पुस्तकों में शामिल होनी चाहिए, ताकि भावी पीढ़ी अपने इतिहास और नायकों से परिचित हो सके। उन्होंने बालिदानी पांडेय गणपत राय की जयंती को राजकीय स्तर पर मनाने का भी प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों में देशभक्ति की भावना जागृत करना हम सभी की जिम्मेदारी है।


युवाओं के लिए प्रेरणा हैं बलिदानी : उपायुक्त
उपायुक्त डा. कुमार ताराचंद ने कहा कि बलिदानियों की सोच और आदर्श आज के युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। उन्होंने कहा कि यदि हम सचमुच बलिदानियों को श्रद्धांजलि देना चाहते हैं तो उनके सपनों को अपने जीवन में उतारना होगा। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे देश और समाज के निर्माण में अपनी भूमिका निभाएं और बलिदानियों की कुर्बानी को व्यर्थ नहीं जाने दें।

बलिदानियों की गाथा नई पीढ़ी तक पहुंचाना है : एसपी
पुलिस अधीक्षक सादिक अनवर रिजवी ने कहा कि बलिदानियों की गाथा नई पीढ़ी तक पहुंचाना हम सबका कर्तव्य है। ऐसे आयोजन युवाओं में देशप्रेम की भावना को प्रबल करते हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि इस तरह के कार्यक्रम जिला स्तर पर नियमित रूप से आयोजित करना चाहिए। एसपी ने कहा कि बालिदानी पांडेय गणपत राय का जन्मस्थली होना लोहरदगा जिलेवासियों के लिए गर्व की बात है।

स्कूली छात्राओं की सांस्कृतिक प्रस्तुति
कार्यक्रम के दौरान कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय भंडरा तथा मध्य विद्यालय भौंरों की छात्राओं ने स्वागत गीत, देशभक्ति गीत और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। छात्राओं की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में उपस्थित लोगों का मन मोह लिया और बलिदान की भावना को और अधिक सशक्त किया।

विकास मेला बना आकर्षण का केंद्र
जयंती समारोह सह विकास मेला में प्रशासन की ओर से विभिन्न विभागों द्वारा स्टाल लगाकर विकास को प्रदर्शित करने का काम किया गया। स्वास्थ्य विभाग, बाल विकास परियोजना, शिक्षा, कल्याण, कृषि, पशुपालन, सहकारिता, जिला प्रौद्योगिकी अभिकरण, आत्मा परियोजना, जिला उद्यान, जेएसएलपीएस, प्रधानमंत्री आवास योजना, गव्य विकास, जिला बागवानी मिशन, श्रम नियोजन एवं कौशल विकास सहित कई विभागों ने स्टाल के माध्यम से योजनाओं की जानकारी दी। ग्रामीणों ने योजनाओं के बारे में जानकारी ली और आवेदन की प्रक्रिया समझी। हालांकि इस वर्ष बैंक का स्टाल नहीं लगने से कुछ ग्रामीणों में नाराजगी भी देखी गई।

लाभुकों के बीच परिसंपत्ति का वितरण
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के तहत लाभुकों के बीच परिसंपत्ति और स्वीकृति पत्रों का वितरण किया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना और अंबेडकर आवास योजना के लाभुकों को स्वीकृति प्रमाण पत्र सौंपे गए। मनरेगा अंतर्गत पांच किसानों को सिंचाई कूप निर्माण के पूर्णता प्रमाण पत्र दिए गए। इसके अलावा दस असहाय गरीबों के बीच कंबल का वितरण किया गया तथा पांच लोगों को पेंशन स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए।

स्वजनों ने दी श्रद्धांजलि
बलिदानी पांडेय गणपत राय की 217वीं जयंती सह विकास मेला के अवसर पर बलिदानी पांडेय गणपत राय के स्वजन काफी संख्या में उपस्थित रहे। बलिदानी पांडेय गणपत राय की प्रपौत्री डा. वंदना राय, राजेश लाल, संजय सिन्हा उर्फ छोटू, शव्या राय, संध्या रानी, अरविंद रोशन, संगीता सिन्हा, राजेश्वर नाथ आलोक, राजीव रंजन, पीएन राय, डा. सीबी सहाय, सजल सहाय सहित अन्य स्वजनों ने प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की।

विधायक की अनुपस्थिति बनी चर्चा का विषय
बलिदानी पांडेय गणपत राय की जयंती समारोह में स्थानीय विधायक सह मंत्री चमरा लिंडा की अनुपस्थिति को लेकर ग्रामीणों में चर्चा रही। ग्रामीणों का कहना था कि जिस विधानसभा क्षेत्र से चार बार विधायक चुने गए हों, वहां के महान बलिदानी की जयंती में उनकी गैर मौजूदगी समझ से परे है। ग्रामीणों ने अपेक्षा जताई कि क्षेत्र के विकास और ऐतिहासिक धरोहरों के संरक्षण के लिए जनप्रतिनिधियों को आगे आना चाहिए।

संकल्प के साथ संपन्न हुआ आयोजन
बलिदानी पांडेय गणपत राय के जयंती कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने एक स्वर में संकल्प लिया कि बलिदानी पांडेय गणपत राय के सपनों के अनुरूप गांव, समाज और देश के विकास के लिए कार्य करेंगे। श्रद्धा, विकास और जनसहभागिता के इस संगम ने भौंरों गांव को एक बार फिर इतिहास और वर्तमान के बीच सेतु बना दिया।







