पेयजल घोटाला में संतोष कुमार अपने बयान से पलटा, ED अफसरों पर लगाया मारपीट का आरोप, जांच करने पहुंची रांची पुलिस

पेयजल घोटाला में संतोष कुमार अपने बयान से पलटा, ED अफसरों पर लगाया मारपीट का आरोप, जांच करने पहुंची रांची पुलिस

रांचीः पेयजल विभाग में 23 करोड़ रुपये के घोटाले का आरोपी तत्कालीन क्लर्क संतोष कुमार ईडी की पूछताछ में अपने बयान से मुकर गया। पूर्व की जांच में उसने इंजीनियर और बड़े अधिकारियों के शामिल होने की बात कही थी। जिसके आधार पर ईडी आगे की जांच कर रही थी, लेकिन अब संतोष कुमार ने ईडी के अधिकारियों पर जानलेवा हमला करने, कैद कर रखने सहित अन्य आरोप में एयपोर्ट थाने में केस दर्ज कराया है।

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इस केस में ED के सहायक निदेशक प्रतीक और सहायक शुभम को आरोप बनाया गया है। दर्ज प्राथमिकी में बताया गया है कि संतोष कुमार को सहायक निदेशक प्रीतक कुमार ने फोन कर 12 जनवरी को 10 बजे ईडी कार्यालय में उपस्थित होने को कहा था। केस दर्ज होने के बाद गुरुवार की सुबह एयरपोर्ट स्थित ED कार्यालय में जांच करने रांची पुलिस की टीम पहुंची।सदर DSP सहित कई इंस्पेक्टर और एयरपोर्ट थाना प्रभारी ईडी ऑफिस के अंदर मौजूद हैं। मिली जानकारी के अनुसार, ईडी दफ्तर के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं। बता दें कि गुरुवार सुबह सदर DSP, एयरपोर्ट थाना प्रभारी और एक इंस्पेक्टर की अगुवाई में स्पेशल टीम ED कार्यालय पहुंची है। टीम ने कार्यालय के अंदर जाकर CCTV फुटेज जब्त किए और संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की। पुलिस दस्तावेजों, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों को भी खंगाल रही है।मारपीट के केस दर्ज करने के मामले में नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने ED अधिकारियों की सुरक्षा पर सवाल उठाते हुए केंद्रीय सुरक्षा बलों की तैनाती करने की मांग की है।

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दर्ज की गई FIR

रांची के अपर चुटिया निवासी संतोष कुमार ने एयरपोर्ट थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें ईडी के दो अफसरों पर 12 जनवरी को ईडी कार्यालय में मारपीट करने का आरोप लगाया है। मामले को लेकर रांची एयरपोर्ट थाने में कांड संख्या 05/2026 धारा 115(2)/117(2)/127(2)/109(2)/351(2)/352/238/3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया है।

आवेदन में बताया गया है कि संतोष कुमार (47 वर्ष), पिता स्वर्गीय मिथिलेश प्रसाद, जग्गी कम्पाउंड, नियर साईं मंदिर कॉलोनी, अपर चुटिया, रांची के निवासी हैं।उनकी शिकायत के अनुसार, 12 जनवरी को दोपहर 10 बजे ईडी कार्यालय में हाजिर होने का फोन आया था। वे सुबह 9:45 बजे पहुंचे।दोपहर 1:35 बजे ईडी अफसर ने उन्हें अपने कक्ष में बुलाया। जहां एक अन्य अफसर पहले से मौजूद थे।पूछताछ के दौरान आरोप कबूलने का दबाव डाला गया। मना करने पर दोनों ने मारपीट शुरू कर दी और गालियां भी दी।इतना ही नहीं डंडे से पीटा भी गया। उन्होंने बार-बार कहा कि अगर तुम मर भी जाते हो तो हमें कोई फर्क नहीं पड़ेगा। मारपीट से संतोष गंभीर रूप से घायल हो गया। इसके बाद दोपहर 2 बजे दोनों अधिकारियों ने उन्हें सदर अस्पताल के इमरजेंसी में ले गए। जहां डॉक्टर को धमकी दी कि चोट लगने की बात न बताएं, वरना पत्नी और बच्चों को जेल भेज देंगे। आरोप है कि अधिकारियों ने उसे शाम 4 बजे तक अस्पताल में रखा, लेकिन उसके परिवार को इसकी जानकारी नहीं दी।इसके बाद, वे उसे ED ऑफिस ले गए और सबूत मिटाने के लिए उसकी खून से सनी टी-शर्ट बदलवा दी।

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इस मामले में ईडी के अधिकारियों ने बताया कि संतोष कुमार केस का आरोपी है। संतोष से पहले पूछताछ की जा चुकी है। वह खुद ईडी कार्यालय 12 जनवरी को पहुंच गया था। संतोष ने ईडी कार्यालय में खुद ही कांच के जग हो उठा कर सिर पर मार लिया। इसके बाद ईडी ने उसका इलाज कराया था। संतोष का बयान भी ईडी ने रिकार्ड किया है। उसने बताया है कि वह खुद से ईडी कार्यालय पहुंचा था। संतोष संभवतः सेाच-समझकर खुद हमला कर ईडी के अधिकारियों पर आरोप लगाकर केस दर्ज कराने के लिए पहुंचा था। मेडिकल जांच में संतोष की चोट गंभीर प्रवृत्ति का नहीं पाया गया है।

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