रक्सौल बॉडर पर घुसपैठ करते चार गिरफ्तार, तीन बांग्लादेशी और एक भारतीय मददगार को SSB ने पकड़ा

रक्सौल बॉडर पर घुसपैठ करते चार गिरफ्तार, तीन बांग्लादेशी और एक भारतीय मददगार को SSB ने पकड़ा

डेस्कः भारत-नेपाल के रक्सौल बॉडर पर बुधवार की रात घुसपैठ करते एसएसबी के जवान ने चार लोगों को गिरफ्तार किया है। चारों अवैध तरीके से भारत में घुसने की कोशिश कर रहे थे। एसएसबी द्वारा पकड़े गए चार लोगों में तीन बांग्लादेशी और एक भारतीय मददगार है। सुरक्षा ऐजेंसिया चारों से पूछताछ कर रही है। प्रारंभिक तौर पर जो जानकारी मिली है इसके अनुसार सभी दिल्ली जाने की तैयारी में थे।

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एसएसबी के अनुसार, बांग्लादेशी नागरिकों की पहचान मो. फिरोज (पिता मुजामिल), मो. सोफाज (पिता अब्दुल मुनाफ), मो. ओलूर रहमान (पिता बिलाल हुसैन) और चौथे भारतीय नागरिक मो. सरफराज अंसारी, निवासी चनपटिया, पश्चिम चंपारण का रहने वाला है।बुधवार को एसएसबी की टीम संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली थी। सूचना के बाद रक्सौल बॉर्डर जांच बढ़ा दी गई। तभी टीम की नजर इन चारों संदिग्ध नागरिकों पर पड़ी।संदेह के आधार पर एसएसपी की टीम ने चारों नागरिकों से पूछताछ की।

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पश्चिम चंपारण के चनपटिया निवासी मो. सरफराज अंसारी ने अपनी पहचान बताई और कहा कि ”तीनों नागरिक को लेकर मैं अपने घर चनपटिया, पश्चिम चंपारण जा रहा हूं.” इस बीच, एसएसबी की टीम ने तीनों नागरिकों के मोबाइल की जांच की तो पता चला पकड़े गए तीन नागरिक बांग्लादेशी हैं, और सरफराज उन्हें भारतीय सीमा में प्रवेश कराने में मदद कर रहा था।
एसएसबी की टीम ने बताया कि मोबाइल की जांच में चैट और लोकेशन से साफ हो गया कि पकड़े गए सभी नागरिक पहले बिहार के रास्ते गोरखपुर जाते और वहां से इन्हें चेन्नई जाना था। फिलहाल एसएसबी ने सभी को स्थानीय पुलिस को सौंप दिया है। अब पुलिस इसकी जांच करेगी कि इनका भारत में घुसपैठ का क्या मकसद था, ये लोग बिहार, गोरखपुर के रास्ते चेन्नई क्यों जा रहे थे?

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एसएसबी अधिकारियों के मुताबिक, बांग्लादेशी नागरिकों के पास फर्जी दस्तावेज मिले हैं। उनके पास भारतीय पहचान पत्र तो थे, लेकिन जांच में साबित हो गया कि वे नकली हैं। सरफराज अंसारी ने कबूल किया कि उसने पैसे की लालच में यह काम किया। लेकिन घुसपैठ का असली मकसद क्या है?, आतंकी गतिविधियां, जासूसी या मानव तस्करी?।सुरक्षा एजेंसी अब इन सवालों का जवाब ढूंढने में लगी है।

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