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हिन्दी के वरिष्ठ साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल का निधन, साहित्यजगत में शोक की लहर

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Live Dainik

December 23, 2025

vinod kumar shukla

रायपुर: ज्ञानपीठ पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ हिंदी साहित्यकार विनोद कुमार शुक्ल का निधन हो गया। वे 88 वर्ष के थे । उन्हें सांस लेने में दिक्कत की वजह से रायपुर एम्स में भर्ती कराया गया था जहां शाम 4:58 बजे उन्होंने अंतिम सांस ली । उनके निधन से हिंदी साहित्य जगत में शोक की लहर है। विनोद कुमार शुक्ल उन विरले रचनाकारों में थे, जिनकी भाषा में साधारण जीवन की असाधारण संवेदनाएँ बसती थीं। उनकी रचनाएँ चकाचौंध से दूर, मनुष्य की भीतरी दुनिया, अकेलेपन, करुणा और मानवीय रिश्तों की सूक्ष्म परतों को बेहद सादगी और गहराई के साथ उजागर करती थीं।

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सादगी में गहराई के रचनाकार

विनोद कुमार शुक्ल का साहित्य शोर नहीं करता, बल्कि धीरे-धीरे पाठक के भीतर उतरता है। उनकी कविताएँ और उपन्यास रोज़मर्रा के अनुभवों से जन्म लेते हुए भी दर्शन की ऊँचाई छूते हैं। उनकी भाषा सहज, पारदर्शी और आत्मीय थी, जिसने हिंदी गद्य और कविता—दोनों को नई संवेदनात्मक दिशा दी।

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साहित्यिक योगदान

उन्होंने कविता, उपन्यास और कहानियों के माध्यम से हिंदी साहित्य को समृद्ध किया। उनके उपन्यासों और कविताओं में मध्यवर्गीय जीवन, प्रकृति, स्मृतियाँ और मानवीय संवेदनाएँ केंद्रीय विषय के रूप में उभरती हैं। आलोचकों और पाठकों—दोनों ने उनके लेखन को मौलिक, प्रयोगधर्मी और अत्यंत मानवीय माना।
ज्ञानपीठ सम्मान से उन्हें अलंकृत किया जाना उनके दीर्घकालिक साहित्यिक योगदान की राष्ट्रीय स्वीकृति थी।

सम्मान और विरासत

विनोद कुमार शुक्ल को उनके साहित्यिक अवदान के लिए अनेक प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाज़ा गया। पर उनसे जुड़ा सबसे बड़ा सम्मान उनके पाठक रहे, जिन्होंने उनकी रचनाओं में अपना जीवन, अपनी पीड़ा और अपनी उम्मीदें देखीं। उनकी कृतियाँ आने वाली पीढ़ियों के लिए संवेदनशील लेखन की मिसाल बनी रहेंगी।

साहित्य जगत की श्रद्धांजलि

उनके निधन पर साहित्यकारों, लेखकों, पाठकों और सांस्कृतिक संस्थाओं ने गहरा शोक व्यक्त किया है। सभी ने उन्हें एक शांत, विनम्र और गहन दृष्टि वाले रचनाकार के रूप में याद किया, जिनकी लेखनी ने हिंदी साहित्य को नई आत्मा दी।

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उपन्यास

  1. नौकर की कमीज़
    – उनकी सबसे चर्चित कृति, जिस पर बाद में फ़िल्म भी बनी।
  2. दीवार में एक खिड़की रहती थी
  3. खिलेगा तो देखेंगे
  4. आँख की किरकिरी

कविता संग्रह

  1. लगभग जयहिन्द
  2. वह आदमी चला गया नया गरम कोट पहनकर
  3. सब कुछ होना बचा रहेगा
  4. कविता से लंबी कविता
  5. अतिरिक्त नहीं

कहानी / गद्य

  1. महाविद्यालय
  2. पेड़ पर कमरा
  3. प्रतिनिधि कहानियाँ (संकलन)

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