झारखंड के पलामू में मानवता को शर्मसार: नवजात बच्चे को झाड़ी में फेंका, एक राहगीर बनी फरिश्ता

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पलामू जिले के शहर थाना क्षेत्र में मानवता को शर्मसार कर देने वाली एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। अज्ञात व्यक्ति द्वारा एक नवजात शिशु को सड़क किनारे झाड़ियों में छोड़ दिया गया। समय रहते एक महिला की नजर पड़ी, जिसने संवेदनशीलता और इंसानियत का परिचय देते हुए नवजात की जान बचाई।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार की शाम नावाबाजार थाना क्षेत्र के कंडा गांव निवासी जानवी कुमारी (पति शत्रुध्न कुमार) ड्यूटी समाप्त कर अपने कमरे की ओर लौट रही थीं। इसी दौरान शहर थाना क्षेत्र के पुलिस लाइन मेजर मोड़, हमीदगंज के समीप सड़क किनारे झाड़ियों से नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी।

आवाज सुनकर जब वह मौके पर पहुंचीं तो देखा कि झाड़ियों में एक नवजात शिशु बेसहारा पड़ा हुआ है। बिना देर किए जानवी कुमारी ने मानवता का परिचय देते हुए नवजात को गोद में उठाया और तुरंत मेदिनीराय मेडिकल कॉलेज अस्पताल (एमएमसीएच) पहुंचाकर एनआईसीयू वार्ड में भर्ती कराया।

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फिलहाल नवजात का इलाज चल रहा है और डॉक्टरों की निगरानी में उसकी स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। जानवी कुमारी ने बताया कि वह पुलिस लाइन के समीप स्थित एक निजी अस्पताल में कार्यरत हैं और शाम के समय बीएन कॉलेज के पास स्थित अपने आवास लौट रही थीं, तभी यह घटना सामने आई।

इधर, मामले की सूचना मिलते ही अस्पताल चौकी पुलिस सक्रिय हो गई है और जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस झाड़ियों में नवजात को छोड़ने वाले अज्ञात व्यक्ति की पहचान में जुटी हुई है। यह घटना जहां समाज की संवेदनहीनता को उजागर करती है, वहीं जानवी कुमारी द्वारा दिखाई गई इंसानियत और तत्परता लोगों के लिए प्रेरणास्रोत बन गई है।

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