डेस्कः बिहार के पश्चिम चंपारण जिले स्थित राजकीय चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल (GMCH) बेतिया में सोमवार शाम को बड़ा विवाद हुआ। जूनियर डॉक्टरों और जीविका दीदी की रसोई में कार्यरत महिलाओं के बीच मामूली कहासुनी मारपीट में बदल गई, जिससे अस्पताल में अफरातफरी मच गई।
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खाने के ऑर्डर से विवाद की शुरुआत: जीविका दीदियों के अनुसार, कुछ जूनियर डॉक्टर रसोई में खाना खाने आए थे। उन्होंने दही और ऑमलेट का ऑर्डर दिया, लेकिन तैयार होने के बाद दही लाने से मना कर दिया। इस पर ऑर्डर को लेकर विवाद शुरू हुआ, जो जल्द ही गाली-गलौज में बदल गया।
मारपीट में कई दीदियां घायल: विवाद बढ़ने पर एक डॉक्टर ने कथित तौर पर स्टाफ पर हाथ उठाया। इसके बाद डॉक्टर ने फोन कर करीब 50-60 जूनियर डॉक्टरों को बुला लिया। भीड़ ने रसोई पर हमला बोल दिया, जीविका दीदियों के साथ मारपीट की और उनके गहने तथा मंगलसूत्र तक तोड़ दिए।इस घटना में आधा दर्जन से अधिक दीदियां घायल हुईं, जिन्हें GMCH में ही भर्ती कराया गया।
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“जूनियर डॉक्टरों ने दही और आमलेट ऑर्डर किया, लेकिन तैयार होने पर दही लाने से मना कर दिया। विवाद के बाद गाली-गलौज हुई, फिर 50-60 डॉक्टरों ने रसोई पर हमला कर दीदियों से मारपीट की। मंगलसूत्र तक तोड़े दिया, जिसके बाद रसोई अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी गई है।”- जीविका दीदी
रसोई सेवा बंद, मरीजों को परेशानी: मारपीट से आक्रोशित जीविका दीदियों ने रसोई सेवा अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दी। इससे अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों को भोजन की व्यवस्था में काफी दिक्कत हो रही है।
अस्पताल प्रशासन का बयान: अस्पताल अधीक्षक डॉ. सुधा भारती ने बताया कि इंटर्न डॉक्टरों और जीविका दीदी की रसोई के बीच खाने को लेकर विवाद हुआ, जो मारपीट तक पहुंच गया। जीविका दीदियों ने शिकायत दर्ज कराई है। प्रिंसिपल ऑफिस में बैठक हुई, जिसमें दोषी इंटर्न डॉक्टरों को सजा देने पर चर्चा की गई।
डीएम ने दी जांच के आदेश: बेतिया डीएम तरनजोत सिंह ने मामले का संज्ञान लेते हुए कहा कि जीविका डीपीएम ने घटना की जानकारी दी।जांच के निर्देश दे दिए गए हैं और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।



