पटनाः मगध एक्सप्रेस से दिल्ली से पटना पहुंची एक युवती मंगलवार की आधी रात उस समय डर और असहायता के भंवर में फंस गई जब, वह पटना जंक्शन स्टेशन से घर जाने के लिए शेयरिंग ऑटो में सवार हुई।युवती को हनुमान नगर जाना था, लेकिन ऑटो चालक और उसमें पहले से सवार दो व्यक्तियों की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। उसे लगा कि वह किसी जाल में फंस गई और उसे गुमराह किया जा रहा है।
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संदेह यकीन में तब बदल गया, जब ऑटो चालक उसे हनुमान नगर में उतारने की बजाए दूसरे रास्ते होते हुए जीरो माइल की तरफ बढ़ने लगा। उसने इसकी सूचना फोन कर बहन को दी। इस बीच उसने डर से सोने की चेन ऑटो सवार व्यक्ति को दे दी, ताकि वह उसे वह वहीं छोड़ दें।रात दो बजे युवती को तलाश कर स्वजनों को सौंप दिया। डीएसपी विधि व्यवस्था कृष्ण मुरारी प्रसाद ने बताया कि मामले में केस दर्ज कर लिया है। एक विशेष टीम का गठन किया गया है। पुलिस उस ऑटो और उसके सवार लोगों की पहचान करने में जुटी है।
पीड़िता का घर हनुमान नगर के विजय नगर में है। वह गुड़गाव में निजी कंपनी के नौकरी करती है। वह मगध एक्सप्रेस से पटना लौट रही थी। ट्रेन बिलंब होने की वजह से दोपहर की वजह रात 11 बजे पटना जंक्शन पहुंची। स्टेशन से बाहर आकर घर जाने के लिए कैब बुक करने का प्रयास की, लेकिन नेटवर्क के कारण बुकिंग नहीं हो सकी।
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मजबूरी में उसने एक शेयरिंग ऑटो लिया, जिसमें पहले से तीन लोग सवार थे। इसमें पीछे बैठा युवक सिर से पांव तक कंबल ओढ़ रखा था। राजेंद्र नगर पहुंचने पर ऑटो से एक युवक उतर गया। लेकिन जब उसने रास्ते पर नजर डाली तो दिल की धड़कन बढ़ गई। उसे पटना के रास्तों के बारे में ज्यादा जानकारी नहीं थी।
इसी बीच ऑटो हनुमान नगर की ओर न जाकर किसी सुनसान दिशा में निकल गया था। उसे संदेह हुआ और वह घबरा कर अपनी बहन को फोन किया। घरवालों को अनहोनी का भय सताने लगा। इधर ऑटो में बैठे युवकों के बीच धीमी बातचीत और कंबल ओढ़े शख्स की हरकतों ने उसके डर को और गहरा दिया।डर से उसने सोने की चेन निकालकर ऑटो में बैठे युवक को यह कहकर सौंप दी। बोली कि, आप लोगों को यही चाहिए ना। तब तक ऑटो जीरो माइल से करीब 15 किलोमीटर आगे बढ़ चुकी थी। वहीं पर ऑटो चालक ने उसे सुनसान जगह पर उतार दिया।
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बंद हो गया था मोबाइल, रोते हुए मिली युवती
इधर युवती के स्वजन रात 11.45 बजे डायल 112 को फोन कर मदद मांगी। इस बात की सूचना डीएसपी विधि व्यवस्था और कोतवाली थाना पुलिस को मिली। पुलिस स्वजनों से पीड़िता का नंबर लेकर उसका आखिरी लोकेशन ट्रेस करते हुए आगे बढ़ने लगी।स्टेशन से करीब 22 किलोमीटर दूर एक नाथुपुर गांव के पास आखिरी लोकेशन मिला। पुनिस के साथ उसके स्वजन भी थे। उस लोकेशन पर पहुंचने पर पता चला कि पीड़िता का नंबर बंद है। पुलिस और स्वजन इलाके में खोजबीन करने लगे। तभी वह स्वजन को देखकर आवाज दी, इसके बाद उसे सकुशल थाने लाया गया।उसने अपने साथ हुई पूरी घटना बताई। अब पुलिस संदिग्ध ऑटो और उसके सवार लोगों की पहचान में जुटी है। कई ऑटो चालकों से पूछताछ की गई। सीसीटीवी फुटेज भी देखे जा रहे हैं।
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स्वजनों ने पटना पुलिस को दिया धन्यवाद
पीड़िता के स्वजनों ने बताया कि उसने फोन पर बताया था कि जब वह ऑटो में बैठी तो उसे डायवर्ट किया गया। वह लोग उसे गुमराह करने की कोशिश कर रहे थे। यह बातें सुनकर समझ में नहीं आ रहा था क्या किया जाए? तभी डायल 112 से संपर्क किया गया। डायल 112 ने कोतवाली थाना पुलिस से नंबर को कनेक्ट कर दिया।पुलिस ने उसे खोजबीन में जुट गई और सुरक्षित घर पहुंचाने का आश्वासन दिया। त्वरित कार्रवाई करते हुए उसे सकुशल बरामद कर ली। स्वजनों ने इसके लिए पटना पुलिस को धन्यवाद दिया।




