रांचीः बड़कागांव से पूर्व विधायक और कांग्रेस नेता अंबा प्रसाद की मुश्किलें बढ़ गई है। कोर्ट में अंबा प्रसाद व अन्य को पुलिस द्वारा दी गई क्लीनचिट को चुनौती दी गयी है। गबन का यह मामला प्रवर्तन निदेशालय द्वारा अंबा परिवार के खिलाफ दर्ज ECIR में शामिल है। इस मामले में दायर Protest Petition को न्यायालय ने स्वीकार कर लिया है। इसमें क्लीन चिट देने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ भी आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की गयी है।
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कर्णपूरा महाविद्यालय में हुए गबन के इस मामले में पुलिस द्वारा प्राथमिकी दर्ज करने से इनकार करने के न्यायालय में शिकायतवाद याचिका दायर की गयी थी। न्यायालय के आदेश के बाद गबन के इस मामले में तत्कालीन विधायक अंबा प्रसाद सहित अन्य लोगों के खिलाफ बड़कागांव थाने में प्राथमिकी(113/21) दर्ज की गयी थी।
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पुलिस ने इस मामले की जांच के बाद अंबा प्रसाद सहित अन्य को निर्दोष बताते हुए न्यायालय में अपनी रिपोर्ट दाखिल की। इसके बाद शिकायतकर्ता की ओर से न्यायालय में protest Petition दायर कर पुलिस की जांच रिपोर्ट को चुनौती दी गयी। साथ ही मामले की जांच अधिकारी के खिलाफ भी कार्रवाई करने की मांग की गयी। प्रारंभिक सुनवाई के बाद न्यायालय ने Protest petition को स्वीकार कर लिया है।
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यहां यह बात भी उल्लेखनीय है कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अंबा परिवार के ख़िलाफ दर्ज ECIR में हजारीबाग जिले में दर्ज कुल 16 प्राथमिकी को शामिल किया है। ईडी ने ECIR में बड़कागांव थाने में दर्ज प्राथमिकी(113/21) को शामिल किया है। न्यायालय के आदेश के आलोक में अंबा प्रसाद व अन्य के खिलाफ IPC की धारा 420,418,419,422,467,471 और 120B के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी थी।पुलिस द्वारा इस मामले में अभियुक्तों को क्लीन चिट देने की वजह से ED के केस में प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की संभावना है।




