मुंबई: जिस विश्वकप का इंतजार चार दशक से था आखिरकार लड़कियों के हाथों में वो पहुंच ही गया । भारत की महिला क्रिकेट टीम ने पहली बार विश्वकप जीत कर करोड़ों भारतीयों के उम्मीदों को पूरा कर दिया जो टक-टकी लगाए टीवी स्क्रीन पर आधी रात तक जगे थे । दक्षिण अफ्रीका को हरा कर महिला क्रिकेट टीम ने वो मुकाम हासिल कर लिया जिसके बाद अब महिला क्रिकेट की दुनिया भारत में बदलने वाली है । क्रिकेट के गॉड सचिन तेंदुलकर, सुनील गावस्कर, रोहित शर्मा की मौजूदगी में हरमनप्रीत कौर की टीम ने आधी आबादी को पहली बार खुद की कामयाबी पर जश्न मनाने का मौका दे दिया । दक्षिण अफ्रीका की टीम भारत द्वारा दिए गए 298 रनों का लक्ष्य का पीछा करती हुई चूक गई । भारत ने साउथ अफ्रीका को 52 रनों से हराया ।

शेफाली वर्मा मैन ऑफ द मैच बनीं
शेफाली वर्मा को फाइनल मैच के लिए मैन ऑफ द मैच चुना गया । शेफाली वर्मा ने 87 रन बनाए और दो विकेट लिए । उन्होंने पुरस्कार लेने के बाद सचिन तेंदुलकर को याद करते हुए कहा उन्हें बहुत कुछ सीखने को मिला ।
चैंपियन बनी भारतीय टीम
सेफीमाइनल में सात बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया को हरा कर फाइनल में दक्षिण अफ्रीका से मुकाबल करने के लिए उतरी भारतीय टीम शुरुआत से प्रोफेशनल अप्रोच से उतरी । बारिश की वजह से देर से शुरु हुए मैच में भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए शैफाली वर्मा और स्मृति मंधाना ने पारी की ठोस शुरुआत दी, जबकि दीप्ति शर्मा और रिचा घोष ने अंतिम ओवरों में तेज़ रन बटोरे।

दीप्ति शर्मा मैन ऑफ द सीरीज
दक्षिण अफ्रीका की लौरा वूल्वार्ट ने शानदार शतक लगाया लेकिन दीप्ती शर्मा की फिरकी और अमनजोत कौर की शानदार कैच ने दक्षिण अफ्रीका की सबसे बड़ी उम्मीद को पैवैलियन भेज दिया । दीप्ति शर्मा ने इस ओवर में दो विकेट लिए । दूसरा विकेट कोल ट्रायन का था । दीप्ति शर्मा ने पांच विकेट लिए । उन्होंने 58 गेंदों में 58 रन बनाए ।
शेफाली वर्मा ने गेंद से जादू किया
इससे पहले हरियाणा की शेफाली वर्मा ने कमाल की गेंदबाजी की । हरनाम कौर ने पार्ट टाइम बॉलर के तौर पर शेफाली को मौका दिया और आते ही उन्होंने सुन लूस को अपनी गेंद पर लपक लिया । लौरा वूल्वार्ट ओर सुन लूस की पारी जम रही थी और भारत को विकेट की सख्त जरुरत थी । शेफाली वर्मा ने इसके बाद मैरीज़ान कॉप को पैवेलियन भेजा ।

भारतीय टीम की शानदा बल्लेबाजी
भारतीय पारी की शुरुआत स्मृति मंधाना और शैफाली वर्मा ने की। दोनों बल्लेबाजों ने संयम और आक्रामकता का बेहतरीन मिश्रण दिखाया। शैफाली वर्मा ने 78 गेंदों पर 87 रन बनाए, जिसमें 7 चौके और 2 छक्के शामिल थे। उनका स्ट्राइक रेट 111.53 रहा। स्मृति मंधाना ने 45 रन की पारी खेली, जिसमें 8 चौके शामिल रहे। मध्यक्रम में जेमिमा रोड्रिग्स (24 रन, 37 गेंद) और कप्तान हरमनप्रीत कौर (20 रन, 29 गेंद) ने पारी को संभालने की कोशिश की, लेकिन दोनों लंबी पारी नहीं खेल सकीं।
इसके बाद दीप्ति शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए टीम की रन गति को बनाए रखा। उन्होंने 58 गेंदों में 58 रन बनाए, जिसमें 3 चौके और 1 छक्का शामिल था।
रिचा घोष ने 24 गेंदों पर 34 रन की ताबड़तोड़ पारी खेली और डेथ ओवरों में तेजी से रन जुटाए। अन्य बल्लेबाजों में अमंजोत कौर ने 12 रन जोड़े, जबकि राधा यादव 3 रन बनाकर नाबाद रहीं।
दक्षिण अफ्रीका की ओर से शबनिम इस्माइल की अनुपस्थिति में अयाबोंगा खाका ने बेहतरीन गेंदबाजी की और 3 विकेट हासिल किए। इसके अलावा क्लोए ट्रायॉन, नॉनकुलुलेको म्लाबा और नादिन डी क्लर्क ने एक-एक सफलता पाई।




