IPS आदित्य कुमार 3 साल बाद निलंबनमुक्त, DGP को हाईकोर्ट जज के नाम पर फर्जी कॉल करने का था आरोप

Picture of Live Dainik

Live Dainik

October 5, 2025

IPS आदित्य कुमार 3 साल बाद निलंबनमुक्त, DGP को हाईकोर्ट जज के नाम पर फर्जी कॉल करने का था आरोप

पटनाः बिहार विधानसभा चुनाव से पहले बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी आदित्य कुमार को बड़ी राहत मिली है। आदित्य कुमार को 3 साल के बाद निलंबनमुक्त कर दिया गया है, उन्हें सेवा में लौटने की अनुमति दे दी गई है। यह कदम प्रशासनिक और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।

बिहार विधानसभा चुनाव में सीट शेयरिंग को लेकर JMM-RJD की बैठक 6 अक्टूबर को, सुदिव्य सोनू और विनोद पांडे को मिली जिम्मेदारी
2011 बैच के IPS अधिकारी हैं आदित्य कुमार: आदित्य कुमार, जो बिहार कैडर के 2011 बैच के IPS अधिकारी हैं, उन्हें अक्टूबर 2022 में निलंबित किया गया था, क्योंकि उन पर आरोप था कि उन्होंने डीजीपी को हाई कोर्ट जज के नाम से फर्जी कॉल कराई थी। इस मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) ने प्राथमिकी दर्ज की थी। विभागीय एवं आपराधिक जांच जारी थी और इसी दौरान उनकी सेवा अवधि ठप हो गई थी।

बिहार विधानसभा चुनाव नवंबर के पहले हफ्ते में संभव, आयोग से बोली JDU- छठ बाद तुरंत हो इलेक्शन
निलंबन मुक्त करने का आदेश: राज्य सरकार ने इस विवादित मामले को सुलझाने का रास्ता चुनते हुए 3 अक्टूबर 2025 से उन्हें निलंबनमुक्त करने का आदेश जारी किया है। गृह विभाग के आदेश के अनुसार, उन्‍हें बिहार पुलिस मुख्यालय में पदस्थापन की प्रतीक्षा अवधि में योगदान देने के लिए कहा गया है।हालांकि, यह स्पष्ट किया गया है कि निलंबन समाप्त होने का मतलब दोषमुक्ति नहीं है. विभागीय जांच अभी पूरी नहीं हुई है।

See also  बिहार चुनाव का एलान आज 4 बजे होगा, कल ही मुख्य चुनाव आयुक्त का दौरा हुआ खत्म, नीतीश कुमार करेंगे पटना मेट्रो का उद्घाटन

जैप ADG प्रिया दुबे ने झारखंड पुलिस मुख्यालय के आदेश को दी चुनौती, महिला मुंशी के थानों में पदस्थापन का मामला लटका
संतुलन की दृष्टि से देखा जा रहा फैसला: चुनाव से पहले यह कदम प्रशासन और सरकार दोनों के पक्ष में एक संदेश भेजता है कि सरकारी अधिकारियों पर लगे आरोपों का विवेकपूर्ण परीक्षण किया जाएगा। हालांकि इस फैसले को राजनीतिक और प्रशासनिक संतुलन की दृष्टि से देखा जा रहा है। वैसे भी, चुनावी माहौल में किसी भी संवेदनशील मामले को समय रहते सुलझाना आवश्यक माना जाता है।

होटल का खाना खाकर बीमार पड़ गए ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेटर, पेट में दिक्कत के बाद कानपुर के अस्पताल में भर्ती
चुनौतियाँ और आगे की राह: हालांकि आदित्य कुमार अब सक्रिय सेवा में लौट सकते हैं, लेकिन उन पर लगे आरोपों की जांच जारी है। विभागीय प्रक्रिया, न्यायालयीन समीक्षा और सबूतों की पड़ताल. ये सभी बिंदु अब निर्णायक हो जाएंगे, अगर आरोप सिद्ध हुए, तो निलंबन की समाप्ति साइनल मात्र बनी रह सकती है।

See also  नवरात्र के दौरान होगा बिहार चुनाव के लिए NDA में सीट शेयरिंग, चिराग पासवान ने कहा- बंटवारे में सम्मान से नहीं करेंगे समझौता

बिहार में बारिश से भारी तबाही, कई घर गिरे, अस्पताल से लेकर रेलवे ट्रैक तक पानी-पानी, 100 कार डूब गए
आदित्य कुमार के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण ये फैसला: इस तरह, IPS आदित्य कुमार को 3 साल बाद मिली यह राहत न केवल उनके करियर के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि यह दिखाती है कि किसी प्रशासनिक विवाद को अनिश्चितकाल तक खींचे रखना संभव नहीं है। चुनाव से पहले समय पर लिया गया यह फैसला आगे आने वाले घटनाक्रम पर भी असर डाल सकता है। विशेष रूप से उन मामलों में जहां अधिकारी और राजनीतिक दबाव दोनों जुड़े हों।

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now