जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड का सदस्य बना आरोपों से घिरा व्यक्ति, सुधीर कुमार ने कहा-‘मेरा कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं’

Picture of Live Dainik

Live Dainik

September 26, 2025

जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड का सदस्य बना आरोपों से घिरा व्यक्ति, सुधीर कुमार ने कहा-'मेरा कोई आपराधिक रिकार्ड नहीं'

जमशेदपुरः रिमांड होम के जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड में आरोपों से घिरे व्यक्ति को सदस्य बनाए जाने का मामला सामने आया है। बागबेड़ा निवासी सुधीर प्रसाद पर वर्ष 2022 में जानलेवा हमले का मामला दर्ज है। इसके बावजूद फरवरी 2025 में उन्हें जुवेनाइल बोर्ड का सदस्य नियुक्ति कर दिया गया। जब से वे इस पद पर बने हुए हैं और सुनवाई की कार्यवाही में भी शामिल हो रहे हैं।

मधुलिका स्वीट्स ने बंद किए पांचों आउटलेट, मालिक बोले- धनबाद में बिजनेस करना मुश्किल
सुधीर पर विभाग को गलत जानकारी देने का भी आरोप है। बागबेड़ा थाना में उनके खिलाफ कांड संख्या 155 2022 दर्ज है। बावजूद उनके लिए पुलिस विभाग ने जारी चरित्र प्रमाण पत्र में कहीं भी आपराधिक प्रकरण का उल्लेख नहीं किया गया। इस पूरे मामले की शिकायत करनडीह रिमांड होम के शिक्षक अंजनी कुमार ने की है। उन्होंने निदेशक सह सदस्य सचिव, झारखंड राज्य बाल संरक्षण संस्था, प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश और डीसी को पत्र लिखकर विभागीय जांच की मांग की है।

See also  उद्योगपति कैरव गांधी को पुलिस ने किया बरामद, जमशेदपुर पुलिस को मिली बड़ी सफलता

झारखंड में कोयलाकर्मियों के लिए बोनस का ऐलान, 72 हजार लोगों को आज मिलेगा 1 लाख
इधर, पूर्वी सिंहभूम के डीसी कर्ण सत्यार्थी ने कहा कि मामले की जांच कराई जाएगी। जुवेनाइल बोर्ड के सदस्य सुधीर कुमार प्रसाद ने कहा कि उनके चचेरे भाई मनोज प्रसाद के जमीन विवाद को लेकर मामला दर्ज हुआ है। उनका कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। घरेलू विवाद को आपराधिक घटना नहीं माना जा सकता। शिकायतकर्ता अंजनी कुमार का एक वर्ष पहले रिमांड होम के पेशकार भरत राज रवि के साथ रुपए लेन-देन का विवाद हुआ था। उस विवाद में उन्होंने अंजनी का पक्ष नहीं लिया। इसी कारण उनके खिलाफ झूठी शिकायत की गई होगी। वहीं अंजनी का कहना है कि पेशकार के साथ उनके विवाद में सुधीर कुमार भी मौजूद थे, लेकिन उन्होंने साथ नहीं दिया। यही वजह है कि अब ये सुधीर कुमार के खिलाफ आवाज उठा रहे हैं।

हजारीबाग वन भूमि घोटाला: एसीबी ने नेक्सजेन कंपनी के संचालक विनय सिंह को रांची से किया गिरफ्तार
जुवेनाइल जस्टिस केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन मॉडल रुल्स-2016 के नियम 26 6 में स्पष्ट प्रावधान है कि पुलिस सत्यापन के बिना किसी भी व्यक्ति को बाल देखरेख संस्था में नियुक्त नहीं यिा जाएगा और न ही वह कार्य कर सकेगा। सुधीर कुमार की नियुक्ति इस नियम की भी अनदेखी करते हुए की गई है। सुधीर कुमार के खिलाफ बागबेड़ा थाना में दर्ज मामला वर्तमान में न्यायिक प्रक्रिया में है। केस की सुनवाई प्रथम श्रेणी न्यायिक दंडाधिकारी अर्चना मिश्रा की अदालत में चल रही है। अदालत ने 7 अगस्त 2025 को सुधी पर लगे आरोपों को सही पाते हुए चार्ज फ्रेम कर दिया। अब मामले की सुनवाई जिला जज की अदालत में होगी।

See also  ED और CBI के खिलाफ निकली झांकी, हेमंत सोरेन को जेल से निकालने वाली झांकी पर केस दर्ज
WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now