झारखंड की राजधानी रांची से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां पर शुक्रवार को दो साल की बच्ची की जान उस वक्त आफत में पड़ गई, जब वह अपनी मां के साथ बैंक गई थी, और खेलते-खेलते उसकी गर्दन वहां लगे कांच के दरवाजे और लोहे की शटर के बीच फंस गई।
इस घटना के बाद बैंक में अफरा-तफरी मच गई और बच्ची को बचाने व उसकी गर्दन को बाहर निकालने के लिए वहां मौजूद लोग तमाम जुगत भिड़ाने लगे। हालांकि कुछ देर की कोशिशों के बाद दरवाजे के पास लगी प्लाई को काटकर बच्ची की गर्दन को सुरक्षित निकाल लिया गया।
यह घटना रांची के बेड़ो क्षेत्र में स्थित बैंक ऑफ इंडिया की ब्रांच में शुक्रवार की सुबह लगभग 10:45 बजे उस वक्त हुई, जब प्रखंड के हरिहरपुर जामटोली के बरटोली गांव में रहने वाली जसवंती देवी पैसा निकालने के लिए बैंक में अपनी दो साल की बेटी प्रिस्का मुंडा को लेकर गई थी।
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बैंक पहुंचने के बाद जसवंती तो पैसा निकालने के लिए लाइन में खड़ी हो गई, और बेटी को बैंक में खेलने के लिए छोड़ दिया। इसी दौरान बच्ची खेलते-खेलते कांच के दरवाजे में जाकर फंस गई। बच्ची के दरवाजे में फंसने की बात सुनकर बैंक में लोगों की भीड़ लग गई। जिसके बाद इस बारे में बेड़ो पुलिस को भी सूचना दे दी गई।
सूचना मिलने पर बेड़ो थाना के ASI भानु कुमार रजक बैंक पहुंचे और उन्होंने एक कारीगर को बुलवाकर गेट के पास लगी प्लाईवुड की फ्रेम को आरी से कटवाते हुए, बच्ची को सुरक्षित बाहर निकालवाया। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बच्ची की गर्दन दरवाजे और उसके पास लगी फ्रेम के बीच में फंसी हुई नजर आ रही है, साथ ही इस वीडियो में कारीगर उस प्लाई को आरी से काटते हुए भी दिख रहा है।
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