नेपाल में 18 जेल ब्रेक कर 13572 कैदी हुए फरार, सुशीला कार्की अब संभालेंगी कमान, बालेन शाह ने दिया फुल सपोर्ट

नेपाल में 18 जेल ब्रेक कर 13572 कैदी हुए फरार, सुशीला कार्की अब संभालेंगे कमान, बालेन शाह ने दिया फुल सपोर्ट

डेस्कः नेपाल में केपी शर्मा ओली सरकार को उखाड़ फेंकेने वाले जेन-जी समूहों ने बुधवार को पूर्व न्यायाधीश सुशीला कार्की को अपना नेता चुना है। बुधवार को कोई हिंसक घटना नहीं हुई। सेना ने पूरे नेपाल में गुरुवार और काठमांडू में शुक्रवार तक के लिए कर्फ्यू घोषित किया है। सेना के ही आग्रह पर जेन-जी के 5000 से अधिक युवाओं ने अंतरिम पीएम का नाम तय करने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म डिस्कार्ड पर पांच घंटे ऑनलाइन बैठक की। इसमें गैर-राजनीतिक और निष्पक्ष चेहरे के रूप में सुप्रीम कोर्ट की पूर्व चीफ जस्टिस सुशीला कार्की पर सहमति बनी। काठमांडू मेट्रोपॉलिटन सिटी के मेयर बालेन शाह और बिजली बोर्ड के पूर्व सीईओ कुलमान घीसिंग का नाम भी सुझाया। इसके बाद सहमति बनाने के लिए डिस्कॉर्ड पर ऑनलाइन वोटिंग शुरू की गई जिसमें कार्की पहली पसंद बनी।

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सेना ने कहा है कि अंतरिम प्रशासन पर कार्की से चर्चा की जाएगी। सेना प्रमुख कार्की के नाम पर मुहर लगाते हैं तो वे नेपाल की पहली महिला प्रधानमंत्री होंगी। नेपाली कांग्रेस के महासचिव गगन थाना और विश्वप्रकाश शर्मा ने कहा कि वे जेन-जी समूह के साथ सहयोग के लिए तैयार हैं। हालांकि कोई भी निर्णय संवैधानिक और कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए लिया जाना चाहिए। इसी बीच, बुधवार शाम से काठमांडू एयरपोर्ट नागरिक उड़ानों के लिए खोल दिया गया। इंडियन एयरलाइंस, एअर इंडिया और इंडिगो गुरुवार से नियमित फ्लाइट शुरू कर रही है। नागरिक उड्डयन मंत्री के राममोहन नायडू ने कहा कि एअर इंडिया और इंडिगो काठमांडू में फंसे लोगों के लिए अतिरिक्त उड़ानें संचालित करेंगी। एयरलाइंस को किराया उचित स्तर पर रखने को कहा गया है।

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बालेन शाह ने सुशीला कार्की का समर्थन करते हुए अपने पोस्ट किया है कि “प्रिय जेन-जी और सभी नेपालियों से मेरा अनुरोध है कि देश इस समय अभूतपूर्व स्थिति से गुजर रहा है। आप अब एक सुनहरे भविष्य की ओर कदम बढ़ा रहे हैं। कृपया इस समय घबराएं नहीं; धैर्य रखें। अब देश को एक अंतरिम सरकार मिलने वाली है, जो देश में नए चुनाव कराएगी। इस अंतरिम सरकार का काम चुनाव कराना और देश को एक नया जनादेश देना है।”शाह ने आगे लिखा, “मैं पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की (Nepal New PM Sushila Karki) को इस अंतरिम/चुनावी सरकार का नेतृत्व सौंपने के आपके प्रस्ताव का पूर्ण समर्थन करता हूं। मैं आपकी समझ, बुद्धिमत्ता और एकता का तहे दिल से सम्मान करता हूं। इससे पता चलता है कि आप कितने परिपक्व हैं।”

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कौन हैं सुशीला कार्की?
सुशीला कार्की 72 वर्षीय नेपाल की पूर्व मुख्य न्यायाधीश हैं। उन्होंने 2016 में नेपाल की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश बनकर इतिहास रचा था। उनकी नियुक्ति तत्कालीन राष्ट्रपति विद्या देवी भंडारी ने की थी, जो तत्कालीन प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के नेतृत्व वाली संवैधानिक परिषद की सिफारिश पर आधारित थी। ये नेपाल के न्यायिक और लैंगिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर माना गया था। सुशीला कार्की ने न्यायपालिका में आने से पहले शिक्षिका के रूप में काम किया था। उन्होंने एक निडर, सक्षम और भ्रष्टाचार-मुक्त न्यायविद के रूप में पहचान बनाई। उनका कार्यकाल साहसिक फैसलों और राजनीतिक विवादों, खासकर वरिष्ठ मंत्रियों से जुड़े मामलों में सक्रिय होने के लिए जाना जाता है।

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वहीं इससे पहले नेपाल में तीन दिनों तक हुए हंगामें के बीच 18 जेलों से 13,572 कैदी फरार हो गए हैं। बड़ी संख्या में नेपाल में जेल ब्रेक की घटना के बाद गृह मंत्रालय ने सीमा पर तैनात एसएसबी को अलर्ट कर दिया है। सभी सीमावर्ती जिलों में विशेष चौकसी बढ़ाने को कहा गया है।गृह मंत्रालय ने आशंका जताई है कि नेपाल में सेना द्वारा बागडोर संभालने के बाद जेल से फरार लोगों के लिए धर-पकड़ अभियान शुरू किया गया है। इस कारण अपराधी नेपाल की खुली सीमा से होकर सीमावर्ती जिलों में शरण ले सकते हैं। अपराधी नेपाल के थानों एवं पुलिस बल के लूटे गए हथियार भी सीमावर्ती इलाकों में लाकर छिपा सकते हैं।नेपाल के गृह मंत्रालय और नेपाल पुलिस के अनुसार नेपाल के सबसे बड़े झुम्पका जेल से 1575, नक्कु जेल से 1200, दिल्ली बाजार जेल से 1100, कास्की जेल से 773, भीमफेड़ी जेल से 208, बाजहाड़ जेल से 65, जुम्ला जेल से 36, जनेश्वर जेल से 572, रौतहट जेल से 233, पोखरा जेल से 900 व महोतरी जेल से 576 कैदी फरार हो गए। इस जेल में 577 कैदी थे, जिनमें से 576 फरार हो गए।काठमांडू के नरखू जेल से 233 कैदी, कैलाली जेल से 612, कंचनपुर जेल से भी 450, कपिलवस्तु जेल से 459 व चितवन जेल से 700 कैदी फरार हो गए। अन्य जेलों से और पुलिस कस्डटी में मौजूद भी कैदी भाग गए हैं, जिनको मिलाकर कुल भागे कैदियों की 13,572 हो गई है।

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