बेगूसराय के डंडारी प्रखंड के अंचलाधिकारी और डाटा इंट्री ऑपरेटर को निगरानी विभाग की टीम ने रिश्वत के रूप में लिए दो लाख रुपए के साथ गिरफ्तार किया। पीड़ित के आवेदन पर डंडारी अंचल कार्यालय में निगरानी की टीम ने छापेमारी की। छापेमारी में सीओ राजीव कुमार व डाटा इंट्री ऑपरेटर कुंदन कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। इस संबंध में निगरानी विभाग के डीएसपी अरुणोदय पाण्डेय ने बताया कि विजय कुमार चौरसिया ने शिकायत पत्र दिया था कि हम तीन भाई हैं और तीनों ने आपस में जमीन का बंटवारा किया है। तीनों अपनी-अपनी जमीन की जमाबंदी कायम करना चाहते हैं।
आवेदन में आरोप लगाया गया था कि जमाबंदी कायम करने के एवज में राजीव कुमार के द्वारा तीन लाख रिश्वत मांगी जा रही थी। आखिर में दो लाख रुपए पर बात बनी। शिकायत के बाद सत्यापन कराया गया। इसके बाद निगरानी थाने में मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान निगरानी अन्वेषण ब्यूरो की टीम ने डाटा ऑपरेटर व अंचलाधिकारी को 2 लाख रुपए घूस लेते गिरफ्तार किया। वहीं सीओ ने आरोपों को गलत बताया है।
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डंडारी प्रखंड के अंचलाधिकारी राजीव कुमार ने खुद से वीडियो वायरल करते हुए कहा कि मैं पंचायत समिति की बैठक में उपस्थित था। सदन के बाहर निगरानी टीम द्वारा डाटा ऑपरेटर को 2 लाख रुपए घूस के साथ गिरफ्तार किये जाने की सूचना मिली। पता चला कि बाहर निगरानी विभाग की टीम मुझे गिरफ्तार करने के लिए बैठी हुई है। जबकि, मैंने न ही रिश्वत की मांग की है और न ही हमारे पास से रुपए बरामद हुआ और न ही रुपए को मैंने छुआ है। हमें फंसाने की साजिश रची जा रही है।
वहीं, निगरानी विभाग की टीम जब सीओ को गिरफ्तार करने पहुंची तो उस वक्त सीओ पंचायत समिति की बैठक में मौजूद थे। इस कारण प्रखंड प्रमुख तनवीर अहमद सहित अन्य सदस्य निगरानी टीम का विरोध करने लगे। इसके बाद निगरानी की टीम ने इसकी सूचना बलिया डीएसपी सहित वरीय अधिकारी को दी। सूचना मिलते ही एसडीओ तरणिजा व डीएसपी साक्षी कुमारी, बलिया थानाध्यक्ष विकास कुमार राय, साहेबपुरकमाल थानाध्यक्ष राजीव कुमार व डंडारी थानाध्यक्ष विवेक कुमार दल-बल के साथ पहुंच गए। उसके बाद निगरानी की टीम गिरफ्तार दोनों व्यक्ति को अपने साथ ले गई।
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