रांचीः बिरसा चौक के पास एचईसी की जमीन पर अवैध रूप से बने मकानों पर प्रशासन ने शनिवार को बुलडोजर चलाया। करीब 100 मकानों को प्रशासन ने अतिक्रमण मुक्त अभियान के तहत तोड़ा। अतिक्रमण हटाये जाने के अगले दिन रविवार को नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी उस जगह पहुंचे जहां अतिक्रमण हटाया गया।
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वहां के लोगों से मुलाकात और उनकी पीड़ाओं को सुनने के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने वहां के लोगों को आंदोलन करने को कहा। उन्होने कहा कि अगले दिन यानी सोमवार को फिर प्रशासन का डंडा यहां चलेगा और बुलडोजर लेकर प्रशासन की टीम आएगी जिसको यहां अतिक्रमण हटाने नहीं देना है। उन्होने लोगों को कहा कि प्रशासन की कार्रवाई का विरोध करना है, लोगों को लाठी-डंडा खाना है, गोली खानी होगी तो वो भी करना है, अगर एक मर भी जाएगा तो क्या हो जाएगा। इतने लोग है इसमें एक शहीद हो जाएगा तो क्या हो जाएगा, देखते है हेमंत सोरेन कितने लोगों पर गोली चलवाता है।
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बाबूलाल मरांडी ने आगे कहा कि वो सोमवार को राज्य के बाहर रहेंगे इसलिए यहां के लोगों के साथ बुलडोजर अभियान के विरोध में खड़े नहीं हो सकते। मंगलवार को सभी लोग मेरे साथ चले और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के आवास का घेराव करें। लोग यहां कई सालों से रह रहे है, बिना वैकल्पिक व्यवस्था किये प्रशासन को यहां बुलडोजर नहीं चलाना चाहिए था। मरांडी ने इसके बाद रांची डीसी को भी फोन लगाकर यहां अतिक्रमण अभियान रोकने को कहा। मरांडी के बयान के बाद जब स्थानीय लोगों से इस बारे में बात की गई तो उन्होने कहा कि वे यहां करीब 40-50 सालों से रह रहे थे। मरांडी के कहने पर वो क्यों गोली खाएंगे, अगर उनके परिवार और बाल-बच्चों को कुछ हो गया तो कौन देखेगा। मरांडी जी शनिवार को क्यों नहीं आये जब अतिक्रमण अभियान के तहत यहां बुलडोजर चल रहा था।




