पटनाः बिहार बीजेपी के नेता और नीतीश कुमार की सरकार में मंत्री हरि सहनी पर दरभंगा में अवैध जमीन कब्जा करने का आरोप लगा है। इस मामले में अंचल अधिकारी निश्चल प्रेम ने 37 लोगों को नोटिस जारी किया है। जिसके बाद यह मामला इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है। जिले के बहादुरपुर प्रखंड में जमीन कब्जाने के आरोप में प्रशासन पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है।
अवैध शराब पकड़ने गए पुलिस टीम को आदिवासियों ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा, हाथ जोडता रहा जवान फिर नहीं बख्शा
नोटिस जारी होते ही मंत्री की सफाई: नोटिस मिलने के बाद मंत्री हरि साहनी ने कहा कि मामला संज्ञान में आते ही उन्होंने सीओ से जमीन की दोबारा नापी की मांग की है। मंत्री ने साफ कहा कि अगर जांच में यह साबित हो गया कि उन्होंने सरकारी जमीन पर कब्जा किया है तो वह स्वेच्छा से जमीन खाली कर देंगे।
बिहार में नाबालिग से गैंगरेप, वीडियो भी बनाया, मुखिया का बेटा समेत दो गिरफ्तार
जनता दरबार से उठा मामला: यह मामला तब सामने आया जब एक व्यक्ति ने जनता दरबार में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायत की। शिकायत पर प्रशासन ने जांच शुरू की। तब से यह मामला सुर्खियों में आया।
22 कट्ठा सरकारी जमीन पर कब्जा:अंचल कार्यालय की रिपोर्ट में सामने आया कि बेलायाकुब गांव में 22 कट्ठा सरकारी जमीन पर 37 लोगों ने कब्जा कर रखा है।इसके बाद नोटिस जारी हुआ।
खालिस्तानी आतंकी बिहार से हुआ गिरफ्तार, अमृतसर मंदिर पर हमले का हैं आरोपी
मंत्री के बेटे ने भी दी सफाई: अतिक्रमण के आरोप पर मंत्री के बेटे ने भी अधिकारियों के सामने कहा कि वे जमीन की दोबारा नापी के पक्ष में हैं और दोषी पाए जाने पर जमीन छोड़ देंगे।
राजनीतिक रंग लेने लगा मामला: मंत्री का नाम सामने आने से यह विवाद राजनीतिक रंग लेने लगा है। सबकी नजरें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।यह घटना सरकारी जमीन पर अतिक्रमण के मुद्दे को फिर से उजागर करती है।अब यह प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती है कि वह सख्त संदेश देता है या नहीं।





