पलामूः झारखंड से बिहार जा रहे अवैध कोयला के ट्रकों की लंबी लाइन पलामू जिले के हरिहरगंज बार्डर के पास लगी है। डिस्को पेपर के माध्यम से हो रही कोयला की तस्करी के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान का असर पलामू में देखा जा रहा है। कोयला लदी गाड़ियों के खड़े रहने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। हरिहरगंज से औरंगाबाद जाने वाले मुख्य रास्ते पर सैकड़ों की संख्या में गाड़ियों पिछले कई दिनों से खड़ी है। इन गाड़ियों की लंबी कतार से न केवल आवागमन ठप हो गया है, बल्कि लोगों के लिए भी गंभीर खतरा पैदा हो गया है।
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ट्रकों की ये लंबी लाइन बताती है कि झारखंड से कितनी भारी मात्रा में डिस्को पेपर यानी की बिना वैद्य कागजात के अवैध रूप से कोयला बिहार में खपाया जा रहा है। झारखंड से निकले अवैध कोयला की ट्रकों को बिहार के सासाराम में डंप किया जाता है और वहां से भी आगे इन अवैध कोयलों की सप्लाई होती है। डिस्को पेपर के माध्यम से कोयला की तस्करी को लेकर अभियान चलाया जा रहा है। बिहार में इन अवैध कोयला लदे ट्रकों को एंट्री नहीं दी जा रही है, सिर्फ सही कागजात और वजन वाली गाड़ियों को बिहार में दाखिल होने के कारण अवैध ट्रक लगी गाड़िया हरिहरगंज बॉर्डर के पास जाकर खड़ी हो गई है। पिछले कई दिनों से ये गाड़ियां बिहार-झारखंड बॉडर से पहले हरिहरगंज की सड़क पर खड़ी है।
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स्थानीय लोगों का कहना है कि गाड़ियों के खड़े रहने से आम जनता को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। रोजमर्रा की आवाजाही में लोग घंटों जाम में फंसे रहते हैं। मरीजों और स्कूली बच्चों को विशेष दिक्कत हो रही है। बीते दिन तो स्थिति और भी भयावह हो गई जब गाड़ियों की अव्यवस्थित खड़ी लाइन के बीच एक भीषण सड़क हादसा हो गया। इस हादसे ने लोगों की जान-माल की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है। हरिहरगंज सीमा पर खड़ी सौ से अधिक कोयला लदी गाड़ियां न केवल आम जनता के लिए मुसीबत बनी हुई हैं, बल्कि किसी भी वक्त बड़े हादसे का कारण बन सकती हैं। ऐसे में प्रशासन को तत्काल प्रभाव से कदम उठाना अनिवार्य हो गया है, ताकि लोगों को राहत मिल सके और भविष्य में इस तरह की समस्या दोबारा न हो।
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जानकारी के मुताबिक, इरका चेक पोस्ट (औरंगाबाद, बिहार) पर पिछले 20 दिनों से परिवहन विभाग ने नाकाबंदी कर रखी है। इस वजह से बड़ी संख्या में कोयला लदी गाड़ियां सीमा पार नहीं कर पा रही हैं और हरिहरगंज बार्डर पर खड़ी हो गई हैं। धीरे-धीरे इनकी संख्या बढ़कर सौ से अधिक हो गई है। स्थानीय लोग बताते हैं कि इस समस्या को लेकर जिला परिवहन विभाग, खनन विभाग और पलामू जिला प्रशासन को कई बार सूचित किया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। प्रशासन की लापरवाही के कारण आमजन की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है।
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अवैध कोयला लदे वाहनों के कारण सड़क जाम से छोटे वाहन चालक और दोपहिया सवारों को सबसे ज्यादा मुश्किल झेलनी पड़ रही है। जाम में फंसे रहने से जहां समय की बर्बादी हो रही है, वहीं धूप और उमस में लोग घंटों परेशान होते हैं। वहीं स्थानीय व्यापारियों का कहना है कि इस वजह से बाजार तक सामान की ढुलाई भी प्रभावित हो रही है।सामाजिक संगठनों और स्थानीय लोगों ने प्रशासन से अविलंब कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द ही इन गाड़ियों को नहीं हटाया गया, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। लोग आंदोलन करने को भी मजबूर हो सकते हैं।
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हरिहरगंज बाजार के व्यापारी नेता मनोज कुमार ने कहा कि यह समस्या अब विकराल रूप ले चुकी है। जिस सड़क से होकर प्रतिदिन सैकड़ों लोग बिहार-झारखंड सीमा पार करते हैं, उसी पर वाहनों की लंबी कतार से लोग बेहाल हो चुके हैं। प्रशासन को तत्काल प्रभाव से गाड़ियां हटवाकर जाम की समस्या से मुक्ति दिलानी चाहिए।ग्रामवासी रामविलास महतो का कहना है कि बच्चों को समय पर स्कूल पहुंचाना मुश्किल हो गया है। एंबुलेंस तक को जाम से निकलने में घंटों लग रहे हैं। यह स्थिति किसी बड़ी त्रासदी को जन्म दे सकती है।स्थानीय लोगों का स्पष्ट कहना है कि जब तक प्रशासन ठोस कदम नहीं उठाएगा, तब तक समस्या का समाधान संभव नहीं है। उन्होंने मांग की है कि अविलंब परिवहन विभाग और खनन विभाग समन्वय कर वाहनों को सीमा पार कराने या वैकल्पिक व्यवस्था करने का निर्णय ले।










