लोहरदगा : शहरी क्षेत्र के मुद्रिका बैंक्वेट हॉल में रविवार को जय श्रीराम समिति की अहम बैठक समिति के अध्यक्ष सुनील कुमार अग्रवाल की अध्यक्षता में हुई। जिसमें संगठन को नई ऊर्जा और सशक्त दिशा देने पर लंबी चर्चा हुई। इस दौरान सर्वसम्मति से पूर्व की कोर कमेटी को भंग कर नई संरक्षक एवं सलाहकार समिति के गठन का निर्णय लिया गया। बैठक में यह दोहराया गया कि जय श्रीराम समिति पूरी तरह धार्मिक और सामाजिक संगठन है। इसका मकसद सनातन धर्मावलंबियों को एकजुट कर उनके सांस्कृतिक, धार्मिक और सामाजिक मूल्यों का संरक्षण करना है। समिति न तो प्रत्यक्ष और न ही अप्रत्यक्ष रूप से किसी भी राजनीतिक दल के लिए कार्य करेगी। इससे पहले बैठक का शुभारंभ भगवान श्रीराम के जयघोष और मंत्रोच्चारण से हुई। इसके बाद अध्यक्ष मंडल ने संगठन की अब तक की गतिविधियों की समीक्षा की। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने समिति की मजबूती और पारदर्शिता पर जोर दिया। चर्चा के दौरान यह निर्णय लिया गया कि आने वाले समय में समिति विभिन्न धार्मिक पर्वों, भजन-कीर्तन, रामायण मंडली, हवन-पूजन और सामाजिक सेवा कार्यों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेगी। समिति की ओर से यह भी प्रस्ताव पारित किया गया कि लोहरदगा और आसपास के क्षेत्रों में सांस्कृतिक जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं को सनातन संस्कृति से जोड़ा जाएगा। साथ ही समाज के वंचित तबकों की सेवा के लिए समय-समय पर सहयोगी कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे।
जय श्रीराम समिति का संकल्प
जय श्रीराम समिति की बैठक में सभी पदाधिकारियों और सदस्यों ने यह शपथ लिया कि संगठन धर्म और समाज की सेवा में पूरी निष्ठा के साथ कार्य करेगा। समिति का उद्देश्य सिर्फ धार्मिक उत्सवों तक सीमित न रहकर समाज के हर वर्ग को जोड़ना और सहयोग करना होगा।
समिति के अध्यक्ष सुनील अग्रवाल ने कहा कि समिति का उद्देश्य सनातन धर्मावलंबियों को एक मंच पर लाना, धार्मिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभाना, राजनीतिक हस्तक्षेप से दूरी बनाकर रखना और सामाजिक सौहार्द और सेवा भावना का प्रसार करना है। इसके साथ बैठक में धार्मिक पर्वों पर समिति की सक्रिय भागीदारी निभाने, सांस्कृतिक जागरूकता अभियान शुरू करने, वंचित तबकों की सेवा हेतु सहयोगी कार्यक्रम करने और शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में जनहितकारी पहल करने का निर्णय लिया गया।
संरक्षक समिति में शामिल
संरक्षक समिति में समाज के प्रबुद्धजनों को जगह दी गई है। इनमें राजेंद्र खत्री, ओम सिंह, विनोद राय, लाल ओंकारनाथ शाहदेव, सुषमा सिंह, रमेश उरांव, शिव दयाल साहू, परमेश्वर साहू, रितेश साहू, सूरज अग्रवाल, अजय पंकज, मोहन दुबे, प्रेम किशोर प्रजापति, गुप्तेश्वर प्रसाद गुप्ता, राजीव रंजन, आरके सिन्हा, सुमित राय, संतोष लकड़ा, कन्हैया करूवा, रमेश साहू, संजय नायक और मनोज गुप्ता का नाम शामिल है।
सलाहकार समिति की भूमिका
सलाहकार समिति को संगठन की रीढ़ बताते हुए इसमें डा. टी. साहू विनोद कुमार सोनी, आनंद पांडे, मनोज साहू, रोहित साहू, हरिओम प्रजापति, अशोक साहू, अशोक रजक, दीपक सर्राफ, महावीर साहू, कंवलजीत सिंह, नागेंद्र प्रजापति, देवेंद्र साहू, छोटू लाल यादव, हेमंत वर्मा, उदय सिंह, कमला देवी, विवेक कुमार और लाल गुड्डू नाथ शाहदेव को शामिल किया गया। समिति के सदस्य संगठन की गतिविधियों की दिशा तय करेंगे और मार्गदर्शन प्रदान करेंगे।
भविष्य की योजनाएं
बैठक में यह तय हुआ कि समिति गांव स्तर से जिला स्तर तक धार्मिक आयोजनों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराएगी। हरेक वर्ष श्रीराम जन्मोत्सव, हनुमान जयंती, दुर्गा पूजा जैसे आयोजनों में सांस्कृतिक झांकी, भजन संध्या और सेवा शिविर लगाए जाएंगे। साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी समाजहित के कार्यक्रम शुरू किए जाएंगे









