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बस ऑनर एसोसिएशन ने सभी जिलों के SP को लिखी चिट्ठी, अवैध वस्तुओं की तस्करी रोकने के लिए दिया ये सुझाव

बस ऑनर एसोसिएशन ने सभी जिलों के SP को लिखी चिट्ठी, अवैध वस्तुओं की तस्करी रोकने के लिए दिया ये सुझाव

रांचीः झारखंड के बस ऑनर एसोसिएशन ने राज्य के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षकों को चिट्ठी लिखी है। एसोसिएशन के अध्यक्ष अरूण कुमार बुधिया ने सभी जिलों के एसपी को लिखी चिट्ठी में अवैध वस्तुओं की तस्करी रोकने के लिए यात्रियों के सामानों की नियमित जांच की व्यवस्था सुनिश्चित कराने का आग्रह किया है।

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जिले के एसपी को लिखी की चिट्ठी में कहा गया है कि झारखंड में अधिकांश बस व्यवसायी पिछले 40-50 वर्षों से अपने-अपने निर्धारित मार्गो पर नियमित रूप से बसों का परिचालन करते आ रहे है, किंतु विगत कुछ वर्षों से यह देखा जा रहा है कि असामाजिक तत्व यात्री बनकर बसों में सफर करते हुए अपने लगेज के माध्यम से गाजा डोडा तथा अन्य प्रतिबंधित वस्तुएं राज्य में ला रहे और ले जा रहे हैं। विशेषकर ओडिशा एवं पश्चिम बंगाल से ऐसे सामान रांची लाते है और फिर यहां से छोटे-छोटे जिलों तक बसों के माध्यम से पहुंचाये जाते हैं।

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वर्तमान में बसों का परिचालन प्रत्येक 5 से 10 मिनट के अंतराल पर होता है। इस अल्प समय में यात्रियों को टिकट उपलब्ध कराना एवं सीट पर बैठाना ही कठिन कार्य होता है. ऐसे में लगेज की समुचित जाँच कर पाना बस मालिकों अथवा परिचालकों के लिए संभव नहीं है। परिणामस्वरूप असामाजिक तत्व इस स्थिति का लाभउठाकर अवैध सामान बस में रख देते हैं। जब कभी पुलिस द्वारा ऐसी सामग्री पकड़ी जाती है तो बस की जब्त कर लिया जाता है तथा निर्दोष बस मालिक को भी अभियुक्त बना दिया जाता है, जबकि वास्तविकता में बस मालिकों का इससे कोई लेना-देना नहीं होता। अधिकांश बस मालिक तो बस स्टैण्ड पर उपस्थित भी नहीं रहते।

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इस परिप्रेक्ष्य में बसे ऑनर एसोसिएशन, झारखण्ड की ओर से आपसे निवेदन है कि यदि किसी बस से अवैध सामग्री बरामद हो, तो बस मालिक को अभियुक्त न बनाया जाए, प्रत्येक बस स्टैण्ड पर यात्रियों के लगेज की जाँच हेतु पुलिस / प्रशासनिक स्तर पर अलग से व्यवस्था की जाय तथा जाँच के उपरांत प्रत्येक लगेज पर ‘जोचित होने का स्टीकर लगाया जाए, जिससे बस मालिक एवं यात्री दोनों ही सुरक्षित रह सके। हमें पूर्ण विश्वास है कि आप इस गंभीर समस्या पर संवेदनशीलता के साथ आवश्यक कदम उठायेंगे।

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