रांचीः रविवार को कांके थाना क्षेत्र के नगड़ी में रिम्स-2 की प्रस्तावित जमीन पर ग्रामीणों के आंदोलन को रोकने के दौरान हुए हमले के बाद पुलिस ने सोमवार को इस मामले में 71 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। दर्ज प्राथमिकी में पूर्व मंत्री और अखिल भारतीय आदिवासी विकास परिषद की प्रदेश अध्यक्ष गीताश्री उरांव, बीजेपी एससी मोर्चा के नेता कमलेश राम, जेएलकेएम नेता देवेंद्र महतो, आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष प्रेम शाही मुंडा, हातमा के पाहन जगलाल पाहन और सामाजिक कार्यकर्ता निशा भगत के अलावा 65 अन्य को नामजद अभियुक्त बनाया गया है। कांके सीओ अमित भगत द्वारा दिए गए लिखि आवेदन के आधार पर पुलिस ने इनके खिलाफ आक्रोश भड़काने? हरवे-हथियार के साथ जमा होकर पुलिस पर जानलेवा हमला करने, सरकारी काम में बाधा पहुंचाने और निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने समेत अन्य आरोप में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
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मामूल हो कि रविवार को जिला प्रशासन ने रिम्स-2 की विवादित भूमि पर ग्रामीणों का आंदोलन रोकने के लिए सुबह से ही बैरिकेडिंग की गई थी। पैदल चलने तक की अनुमति नहीं थी। फिर भी करीब दो हजार ग्रामीण पगडंडियों और वैकल्पिक रास्तों से होकर विवादित स्थल पर पहुंच गए थे। उन्होने हल जोतो, रोपा रोपो कार्यक्रम के तहत हल चलाया और धान की रोपाई की। इस दौरान पुलिस ने ग्रामीणों को वहां से हटने को कहा तो वो उग्र हो गए। अचानक पुलिस टीम पर ही हमला कर दिया। आक्रोशित ग्रामीणों को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। इसके बाद लाठीचार्ज भी किया। झड़प में एसडीएम लॉ एंड ऑडर, सिल्ली डीएसपी और कांके थानेदार समेत अन्य पुलिसकर्मी घायल हासे गये थे। कई ग्रामीणों को भी चोट लगी थी। इस आंदोलन में पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेने को भी आने था लेकिन उन्हे एहतियातन पुलिस ने घर से बाहर नहीं निकलने दिया। चंपाई सोरेन ने खुद के लिए हाउस अरेस्ट करने की बातें कही थी।



