रांचीः राजधानी रांची के कांके स्थित नगड़ी के प्रस्तावित रिम्स -2 की भूमि पर रविवार को पूर्व मुख्यमंत्री और बीजेपी विधायक चंपाई सोरेन हल जोता, रोपा रोपो कार्यक्रम के तहत हल चलायेंगे।लेकिन इससे पहले चंपाई सोरेन ने खुद को हाउस अरेस्ट करने का दावा किया है। चंपाई सोरेन ने अपने पोस्ट पर लिखा है कि नगड़ी के आदिवासी/ मूलवासी किसानों की आवाज उठाने से रोकने के लिए झारखंड सरकार ने आज सुबह से मुझे हाउस अरेस्ट कर लिया है। इसे देखते हुए प्रशासन द्वारा पूरे इलाके में बैरिकेडिंग की गयी है और अतिरिक्त फोर्स की तैनाती की गयी है। निषेधाज्ञा भी लागू कर दी गयी है।रिम्स-2 के पास जाने वाले रास्ते की घेराबंदी कर दी गई है और वहां किसी को भी जाने नहीं दिया जा रहा है।
नगड़ी के आदिवासी/ मूलवासी किसानों की आवाज उठाने से रोकने के लिए झारखंड सरकार ने आज सुबह से मुझे हाउस अरेस्ट कर लिया है।
— Champai Soren (@ChampaiSoren) August 24, 2025
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इससे पहले जिला प्रशासन ने कांके अंचल स्थित मौजा नगड़ी में पस्तावित रिम्स-2 के 200 मीटर की परिधि में निषेधाज्ञा लागू कर दी है। एसडीओ रांची ने इससे संबंधित आदेश जारी कर दिया है। आदेश में बताया गया है कि रिम्स-2 के स्थल का सीमांकन और फेंसिंग कार्य पूर्ण हो चुका है। वहीं इस स्थल पर रविवार को लोगों की भीड़ एकत्रित होने की संभावना है। कुछ असमाजिक तत्वों द्वारा फेंसिंग के अंदर प्रवेश करने का प्रयास किया जायेगा। इससे विधि-व्यवस्था भंग होने की आशंका बन गयी है। इसके तहत पांच या पांच से अधिक व्यक्तियों का एक स्थान पर एकत्रित होने पर रोक रहेगी।
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क्या है मामला
रिम्स-2 के लिए सबसे पहले कांके के सुकुरहुटू में 102 एकड़ जमीन चिन्ह्रित की गयी थी। लेकिन विवाद के बाद नगड़ी में जमीन का चयन किया गया। नगड़ी में भी विरोध शुरू हो गया। पहले नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी फिर सत्तारूढ़ कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष बंधु तिर्की और अब पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन ने इस विरोध में ग्रामीणों का साथ दिया।
गरीब आदिवासी किसानों के जमीन की रक्षा के लिए 24 अगस्त (रविवार) को नगड़ी चलिये !
हमारा मकसद अस्पताल का विरोध नहीं है। सरकार रिम्स 2 क्या, रिम्स 3, रिम्स 4 भी बनाये, उसके लिए स्मार्ट सिटी समेत कई स्थानों पर सैकड़ों एकड़ बंजर जमीन उपलब्ध है। लेकिन किसानों की उपजाऊ/ खेतिहर जमीन… pic.twitter.com/CxnT4d7NXI
— Champai Soren (@ChampaiSoren) August 23, 2025
जमीन की घेराबंदी किये जाने से ग्रामीणों में आक्रोश
नगड़ी और आसपास के गांवों में रिम्स-2 के लिए चिन्ह्रित जमीन पर खेती करने से रैयतों को रोके जाने और कांटेदार तारों से घेराबंदी किये जाने से ग्रामीणों में नाराजगी है। नगड़ी जमीन बचाओ संघर्ष समिति के आह्रवाहन पर ग्रामीण कई दिनों से आंदोलन की तैयारी में जुटे हैं। समिति ने आसपास के गांव में किसानों को इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होने का न्योता दिया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बहुत पहले जमीन का अधिग्रहण किया गया था, पर जब यहां कोई निर्माण कार्य नहीं हुआ, तो इस जमीन पर स्वाभाविक दावा रैयतों का है।


