रांचीः सोमवार को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने दिवंगत पिता शिबू सोरेन के श्राद्धकर्म के लिए पारंपरिक तरीके से सात कर्म का विधान पूरा किया। मुख्यमंत्री की पत्नी कल्पना सोरेन और परिवार के सदस्य दिवंगत आत्मा की शांति के लिए भोजन तैयार करती है जिसे पूरे विधान के साथ हेमंत सोरेन पारंपरिक तौर पर पूरा करते है।
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दिशोम गुरु शिबू सोरेन के श्राद्धकर्म की तैयारियां शुरू हो गई है। श्राद्धकर्म के लिए काड बंटने शुरू हो गए हैं। कार्ड संथाली और हिंदी भाषा में लिखे गए हैं। कार्ड पर गुरुजी की तस्वीर के साथ दिशोम गुरु वीर शिबू सोरेन भी लिखा है। कार्ड के अनुसार 15 अगस्त को दशकर्म और 16 अगस्त को संस्कार भोज होगा।
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कार्यक्रम स्थल नेमरा है। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इसके निवेदक हैं। संथाली भाषा को हिंदी भाषा में परिभाषित किया गया है। कार्यक्रम का समापन संस्कार भोज के साथ होगा। सोरेन परिवार के लोग अपनी परंपरा के अनुसार अपने पैतृक गांव नेमरा में शादी, श्राद्ध आदि सभी प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करते रहे हैं।
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इधर, श्राद्धकर्म से पहले गोला से नेमरा तक की सड़क को चकाचक कर दिया जाएगा। इसके लिए दिन-रात काम किया जा रहा है। विभाग सड़कों को चकाचक करने में कोई कसर नहीं छोड़ रहा है। बताया गया कि राज्य के अलावा देश की कई बड़ी हस्तियां श्राद्ध कार्यक्रम में शामिल होंगी। उन्हें सड़क मार्ग से आने-जाने में कोई परेशानी न हो, इसके लिए पूरे इंतजाम किए जा रहे हैं।
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पितृशोक के बीच मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन न केवल बेटा होने का फर्ज निभा रहे है, बल्कि राज्य के मुखिया होने के नाते राजकाज भी बेहतर तरीके से कर रहे है। नेमरा गांव में रहकर वो गुरुजी की यादों को समेटे हुए पूरी तत्परता और प्रतिबद्धता के साथ मुख्यमंत्री होने का फर्ज भी बखूबी निभा रहे है।





