खचरी है, मोकामा में बढ़िया काम नहीं की; MLA पत्नी नीलम देवी पर ही भड़कने लगे अनंत सिंह

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August 9, 2025

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मोकामा के बहुचर्चित विधायक अनंत सिंह जेल से निकलने के बाद ताबड़तोड़ बयानबाजी से चर्चा में लौट आए हैं। सबसे पहले अनंत सिंह ने मोकामा सीट से 2025 का चुनाव खुद ही लड़ने का ऐलान किया। फिर राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के नेता तेजस्वी यादव को चुनौती देने लगे कि वो अगर मोकामा से लड़ते हैं तो जमानत जब्त करा देंगे। अब अनंत सिंह मोकामा से मौजूदा विधायक और अपनी पत्नी नीलम देवी पर ही भड़कने लगे हैं। उन्होंने कहा कि नीलम ने बढ़िया काम नहीं किया है।

अनंत सिंह ने बीवी नीलम देवी को फिर से लड़ाने के सवाल पर मीडिया से कहा- “नहीं। बढ़िया काम नहीं की। गुस्सा नहीं है पत्नी से लेकिन बढ़िया काम नहीं की। जनता से मिली-जुली नहीं।” जब पत्रकार ने अनंत से पूछा कि वो पत्नी के खिलाफ क्यों बोल रहे हैं तो उन्होंने कहा- “पत्नी रहे खचरी तो उसका कहें शुद्धा। कोई खचर है तो शुद्धा कहें।” इस बयान पर जब यह पूछा गया कि घर जाने पर पत्नी नाराज नहीं होगीं तो अनंत सिंह ने कहा कि जो बोले हैं, वाजिब बोले हैं।

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अनंत सिंह दो दिन पहले ही जेल से जमानत पर बाहर निकले हैं। इसी साल जनवरी में मोकामा के पचमहला इलाके में एक गोलीमारी केस में आरोपी बनाए जाने के बाद अनंत सिंह ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। उसी केस में पटना हाईकोर्ट ने उन्हें 5 अगस्त को जमानत दी थी।

मोकामा विधानसभा सीट से अनंत सिंह साल 2005 से 2020 तक लगातार पांच बार चुनाव जीते हैं। 2022 में एके 47 वाले केस में सजा होने के बाद अनंत सिंह की विधायकी खत्म हो गई थी। इसके बाद 2022 में उनकी पत्नी नीलम देवी राजद के टिकट पर उपचुनाव जीती थीं। नीलम को अनंत सिंह ने 2019 में कांग्रेस के टिकट पर मुंगेर से लोकसभा चुनाव भी लड़ाया था लेकिन वो ललन सिंह से हार गईं।

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार जब जनवरी 2024 में महागठबंधन छोड़कर एनडीए में लौटे तो बहुमत परीक्षण के दौरान नीलम देवी राजद का पाला छोड़कर सरकार के साथ खड़ी हो गईं। फिर उसी साल अगस्त में अनंत सिंह एके 47 केस में बरी हो गए। लेकिन इस साल जनवरी में पचमहला में सोनू-मोनू गैंग से गोलीबारी में उन्हें फिर जेल जाना पड़ा। अब वो जमानत पर बाहर हैं और फिर से चुनाव लड़ने को तैयार दिख रहे हैं।

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