डेस्कः ऑपरेशन सिंदूर पर लोकसभा में चल रही चर्चा के दूसरे दिन कांग्रेस सांसद और नेता विपक्ष राहुल गांधी ने बड़े ही आक्रामक अंदाज में आरोप लगाया कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार की पाकिस्तान से लड़ने की इच्छाशक्ति नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि ऑपरेशन सिंदूर शूरू होने की रात ही आधे घंटे में ही सरकार ने सीजफायर कर दिया था। उन्होंने कहा कि सरकार ने अपनी राजनीतिक इच्छाशक्ति खो दी थी।
राहुल गांधी ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान का हवाला देते हुए कहा कि रक्षा मंत्री ने सदन में कहा कि हमने रात में 1.35 पर पाकिस्तान को यह बताया कि हमने आतंकी ठिकानों पर हमला किया है। यह एस्केलेटरी नहीं थी। अब कोई एस्केलेशन नहीं होना चाहिए। राहुल ने कहा, “आपने 30 मिनट में ही पाकिस्तान के सामने सरेंडर कर दिया और यह बता दिया कि आपके पास लड़ने की इच्छाशक्ति नहीं है।” राहुल ने कहा कि ऐसा कहकर सरकार ने वायु सेना के पायलट्स के हाथ-पांव बांध दिए।
#WATCH ऑपरेशन सिंदूर पर चर्चा के दौरान लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने कहा, "...कल मैंने राजनाथ सिंह का भाषण सुना... उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर सुबह 1.05 बजे शुरू हुआ। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर 22 मिनट तक चला। फिर उन्होंने सबसे चौंकाने वाली बात कही-1.35 बजे… pic.twitter.com/5ZXzPp3gMT
— Live Dainik (@Live_Dainik) July 29, 2025
जेपी नड्डा ने मल्लिकार्जुन खरगे को लेकर कह दिया कुछ ऐसा, संसद में मांगनी पड़ी माफी
आपने तो हमारे पायलटों के हाथ बांध दिए
राहुल ने स्पष्ट करते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर हमला नहीं करने का आदेश देने की गलती की और हमारे पायलटों के हाथ बांध दिए गए। उन्होंने कहा कि सरकार ने ऑपरेशन सिंदूर के तुरंत बाद पाकिस्तान को बताया कि हम संघर्ष को आगे नहीं बढ़ाना चाहते। यानी एक तरह से सरकार ने कह दिया कि हमारे पास राजनीतिक इच्छाशक्ति नहीं है।
उन्होंने ऑपरेशन सिंदूर के बाद हुए सीजफायर को लेकर कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप 29 बार इस बात का जिक्र कर चुके हैं कि उन्होंने सीजफायर करवाया है। अगर ट्रंप झूठे हैं तो प्रधानमंत्री मोदी यहां संसद में इस बात को कह दें। हम मानने के लिए तैयार हैं।
मेरी मां के आंसू तब गिरे थे, जब… अमित शाह को प्रियंका वाड्रा ने ऐसे दिया जवाब
संसद में सरकार पर हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने युद्ध को लेकर सरकार की इच्छा शक्ति पर ही सवाल उठाए। उन्होंने कहा, "किसी भी युद्ध को लड़ने के लिए राजनीतिक इच्छा शक्ति की जरूरत होती है। सभी लोग 1971 के बांग्लादेश युद्ध की बात कर रहे थे... मैं बता देना चाहता हूं कि उस समय के प्रधानमंत्री में राजनीतिक इच्छा शक्ति थी। समंदर में अमेरिका का सातवां बेड़ा भारत की तरफ बढ़ रहा था... इसके बाद भी इंदिरा गांधी ने साफ कह दिया था कि हमें बांग्लादेश में जो करना है.. हम वह करेंगे। यह होती है राजनीतिक इच्छा शक्ति। अगर पीएम मोदी में इंदिरा गांधी की 10 प्रतिशत इच्छा शक्ति भी है, तो वह यहां आकर कह दें।"
पहलगाम हमले में शामिल तीनों आतंकी मारे गए, गृह मंत्री अमित शाह ने संसद में किया एलान
राहुल गांधी ने कहा, “ऑपरेशन सिंदूर को लेकर रक्षा मंत्री ने बताया कि रात में ऑपरेशन शुरू हु्आ, कुछ ही देर बाद उनको बता भी दिया गया कि हमने केवल कुछ जगहों पर हमला किया है। सैन्य ठिकानों को निशाना नहीं बनाया है। यह थी आपकी इच्छा शक्ति ? आपने हमारे फाइटर पायलट्स के हाथ को बांध कर उन्हें लड़ने भेज दिया। हमारे जेट्स तो गिरने ही थे।”




