पटनाः बिहार में राष्ट्रीय जनता दल के विधायक भाई वीरेंद्र पर पंचायत सचिव से अभद्र भाषा के इस्तेमाल का आरोप लगा है। पंचायत सचिव ने राजद विधायक पर केस भी दर्ज करा दिया है। यह केस एससी-एसटी ऐक्ट के तहत दर्ज करवाया गया है। अब कुछ ही वक्त पहले राजद से निकाले गए लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव ने पूछा है कि क्या आरजेडी अब भाई वीरेंद्र पर कार्रवाई करेगी। तेज प्रताप यादव ने अपने एक्स हैंडल पर एक कार्टून शेयर किया है। इस कार्टून में बाबा साहेब भीम राव आंबेडकर की भी तस्वीर नजर आ रही है।
इस कार्टून को शेयर करते हुए तेज प्रताप यादव ने लिखा, ‘ क्या RJD अपने विधायक भाई वीरेंद्र पर भी कार्रवाई करेगी, जिन्होंने बाबा साहेब आंबेडकर के आदर्शों के उल्ट SC-ST समाज के खिलाफ शर्मनाक टिप्पणी की, जान से मारने की धमकी दी। मुझे तो जयचंदों की साज़िश के तहत पार्टी से बाहर कर दिया गया…अब देखना है कि बवाल करने वालों पर भी पार्टी उतनी ही सख्ती दिखाएगी या नहीं? संविधान का सम्मान भाषणों में नहीं, आचरण में दिखना चाहिए।’
निमिषा प्रिया की बच गई जान, यमन में पलट दिया गया मौत की सजा का फैसला
क्या RJD अपने विधायक भाई वीरेंद्र पर भी कार्रवाई करेगी, जिन्होंने बाबा साहेब आंबेडकर के आदर्शों के उल्ट SC-ST समाज के खिलाफ शर्मनाक टिप्पणी की, जान से मारने की धमकी दी।
मुझे तो जयचंदों की साज़िश के तहत पार्टी से बाहर कर दिया गया…
अब देखना है कि बवाल करने वालों पर भी पार्टी… pic.twitter.com/BgwtS5AUTJ
— Tej Pratap Yadav (@TejYadav14) July 28, 2025
बता दें कि पंचायती राज विभाग के एक अधिकारी ने सोमवार को पटना के अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति थाने में राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के विधायक भाई वीरेंद्र के खिलाफ एक प्राथमिकी दर्ज कराई। उन्होंने विपक्ष के नेता पर फोन कॉल करके अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। शिकायतकर्ता संदीप कुमार, मनेर में पंचायत सचिव के पद पर तैनात हैं, जो भाई वीरेंद्र का विधानसभा क्षेत्र है।
संदीप कुमार ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘जब मैं विधायक को नाम से नहीं पहचान पाया, तो वे भड़क गए और मुझे जूतों से पीटने की धमकी दी। जब मैंने विरोध किया और उनसे कहा कि बुरा व्यवहार करने के बजाय उन्हें मेरा तबादला करवा देना चाहिए, तो उन्होंने कहा कि मेरा और भी बुरा हश्र होगा।’’
पंचायत सचिव संदीप कुमार और भाई वीरेंद्र के बीच तीखी बहस का एक ‘ऑडियो’ क्लिप सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। भाई वीरेंद्र ने एक समर्थक के परिवार के मृत सदस्य का मृत्यु प्रमाण पत्र शीघ्र जारी करने के अनुरोध के साथ कुमार को फोन किया था। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने इस मामले को अपने वरिष्ठ अधिकारियों, जिनमें प्रखंड विकास अधिकारी भी शामिल हैं, के समक्ष उठाया और उनकी सलाह पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।’’ भाई वीरेंद्र से टिप्पणी के लिए संपर्क नहीं हो सका, जबकि पुलिस ने कहा कि वह मामले की जांच कर रही है।
प्रदेश भाजपा के प्रवक्ता नीरज कुमार ने कहा कि यह घटना इस बात का प्रमाण है कि राजद एक ऐसी पार्टी है, जो अराजकता को बढ़ावा देती है और ‘‘लोगों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि आगामी विधानसभा चुनाव में उसे सत्ता में न आने दिया जाए।’’
जब जन सुराज पार्टी के संस्थापक प्रशांत किशोर से इस घटना के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा, ‘‘राजद ‘कट्टा’ (बिना लाइसेंस वाला तमंचा) संस्कृति में विश्वास करती है। सत्ता में रहते हुए वे ऐसे ही थे। भाई वीरेंद्र का प्रकरण साबित करता है कि वे सुधरे नहीं हैं।’’
झारखंड के स्कूल में लेट पहुंचने पर 200 उठक-बैठक की सजा, चार छात्राएं हुई बेहोश, अस्पताल में भर्ती




