फरवरी में होना था चुनाव, अब तक नहीं हो पाया; आखिर कब मिलेगा भाजपा को नया अध्यक्ष?

Picture of Live Dainik

Live Dainik

July 22, 2025

हजारीबाग के बच्ची से हुई दरिंदगी को लेकर 3 अप्रैल को झारखंड बंद, बीजेपी ने सरकार को दिया 2 दिनों का अल्टीमेट

झारखंड में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष के नामों पर कई कयास भले लगाए जा रहे हो, लेकिन राज्य में प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव में देश में सबसे पीछे रह सकता है। झारखंड भाजपा के सांगठनिक चुनाव में काफी देरी हो रही है। आठ माह में सिर्फ बूथ स्तर पर ही चुनाव संपन्न हो पाए हैं। अभी मंडल स्तर पर भी चुनाव संपन्न नहीं हो पाए हैं। भाजपा के राज्यभर में 515 मंडल हैं। इन मंडलों में आधे के चुनाव होने पर 26 सांगठनिक जिलों के चुनाव होंगे। वहीं 26 सांगठनिक जिलों में कम से कम 14 में चुनाव पूरे होने के बाद ही चयनित जिलाध्यक्ष प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव कर पाएंगे।

जानकारी के अनुसार, मंडल स्तर के चुनाव में विवाद के कारण चुनाव प्रक्रिया शिथिल पड़ी है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, फरवरी माह तक ही चुनाव प्रक्रिया पूरी करने का लक्ष्य रखा गया था। भाजपा के संविधान के अनुसार आधे मंडल का चुनाव होने पर जिलाध्यक्षों का चुनाव होता है। आधे जिलाध्यक्ष का चुनाव हो जाने के बाद ये प्रदेश अध्यक्ष का चयन करते हैं। इसी तरह देशभर में भाजपा के सांगठनिक राज्यों की संख्या 37 है, अत: 19 राज्यों के अध्यक्ष मिलकर राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव करते हैं।

See also  चोर कितना भी शातिर हो, चोरी पकड़ी जाती है; प्रशांत किशोर पर क्यों बोले संजय जायसवाल

जगदीप धनखड़ के इस्तीफे की जानकारी स्टाफ को भी नहीं थी, सोमवार शाम को उपराष्ट्रपति के साथ बैठक में विपक्ष था लेकिन BJP अध्यक्ष नहीं

झारखंड प्रदेश के नेताओं के अनुसार, विधानसभा चुनाव के कारण झारखंड में ससमय चुनाव नहीं हो पाए। लेकिन राज्य में महाराष्ट्र के साथ ही विधानसभा चुनाव हुए थे। महाराष्ट्र में सांगठनिक चुनाव की प्रक्रिया पूरी हो गई। 1 जुलाई को महाराष्ट्र में रवींद्र चव्हाण को प्रदेश अध्यक्ष चुन लिया गया। जानकारी के मुताबिक, वर्तमान में गुजरात, यूपी, कर्नाटक जैसे राज्यों में भी जिलाध्यक्षों का चुनाव पूरा हो चुका है। कुछ माह में पश्चिम बंगाल, आंध्र प्रदेश, मिजोरम, पुंडूचेरी, तेलंगाना, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, त्रिपुरा, अंडमान व निकोबार, मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों के प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव हो सकता है।

राज्य में सांगठनिक चुनाव में पिछड़ने की वजह से राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव में झारखंड भाजपा का प्रतिनिधित्व मिलना असंभव है। अब चूंकि 19 से अधिक राज्यों में प्रदेश अध्यक्ष का चुनाव हो चुका है, राष्ट्रीय अध्यक्ष की घोषणा कभी भी संभव है। ऐसे में भाजपा को नया प्रदेश अध्यक्ष अब तभी मिल पाएगा, जब नव नियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष किसी नेता को नए अध्यक्ष के तौर पर नामित करें।

See also  यूपीएससी ने अनुराग गुप्ता को नहीं माना डीजीपी, अधिकारियों की प्रोन्नति अटकी

कोल्ड ड्रिंक में नशा दे नर्स से गैंगरेप, अश्लील वीडियो बना 2 साल तक शारीरिक शोषण करते रहे 5 युवक

WhatsApp Channel Join Now
Telegram Group Join Now
Instagram Group Join Now

Trending Now