पटना: बिहार के ADG कुंदन कृष्णन को हत्या कब होगी पता है । कुंदन कृष्णन अच्छी तरह जानते हैं कि बिहार कौन -कौन से महीने में हत्याएं होती हैं । वो ये भी जानते हैं कि हत्याएं कौन करते हैं बावजूद इसके बिहार की राजधानी में सरेआम अस्पताल में घुस कर पुलिस की सुरक्षा में इलाजरत कैदी की हत्या कर दी गई । जी हां पटना के पारस अस्पताल में गैंगस्टर चंदन मिश्रा पर हुए हमले के बाद सफाई देने के लिए नीतीश सरकार के बड़े पुलिस अधिकारी कुंदन कृष्णन को जिम्मेदारी दी गई तो उन्होंने कैलेंडर के महीने गिना दिए ।
अब इस मामले में चिराग पासवान का ताजा बयान आया है । उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए किसानों के मान-सम्मान का अपमान बताया है। ।
बिहार पुलिस के ADG हेडक्वार्टर कुंदन कृष्णन का बयान अत्यंत निंदनीय और दुर्भाग्यपूर्ण है। हमारे अन्नदाता किसानों को अपरोक्ष रूप से हत्यारा बताना न सिर्फ उनके मान-सम्मान का अपमान है बल्कि उनके त्याग और परिश्रम का भी अनादर है। अपराधियों पर शिकंजा कसने के बजाय बिहार पुलिस का ध्यान…
— युवा बिहारी चिराग पासवान (@iChiragPaswan) July 17, 2025
तेजस्वी यादव ने इस मामले में बिहार सरकार को घेरा ।
नीतीश सरकार का मानना है कि मई-जून में ज्यादा मर्डर और क्राइम होते हैं क्योंकि किसानों के पास इस समय काम नहीं होता है!
बेशर्म हो चुकी
शासन-प्रशासन को नहीं है होश
इसीलिए किसानों पर मढ़ रहे हैं दोष! pic.twitter.com/LTTk45AKFZ— I Support Tejashwi (@TeamTejashwi) July 17, 2025
कौन है कुख्यात चंदन मिश्रा ? जिसे पटना के पारस अस्पताल में घुसकर बेखौफ अपराधियों ने गोली मारी,VIDEO
#WATCH | Patna: Bihar ADG (HQ) Kundan Krishnan says, “Recently, a lot of murders have happened in the whole of Bihar. Most murders happen in the months of April, May and June. This continues until the rains come, as most farmers do not have work. After the rains, people in the… pic.twitter.com/b1OsUEWGTr
— ANI (@ANI) July 17, 2025
कुंदन कृष्णन ने कहा कि अप्रैल, मई और जून महीने में अपराध बढ़ जाते हैं, हत्याएं बढ़ जाती हैं क्योंकि खेती-किसानी बंद होती है । हांलाकि कुंदन कृषणन ये भूल गए कि पटना के पारस अस्पताल में 17 जुलाई को हत्या हुई है । कुंदन कृष्णन के मुताबिक ” बिहार में वर्षों से अप्रैल, मई और जून में वर्षों से ज्यादा मर्डर होते आई है। जब तक बरसात नहीं होती है तो ये सिलसिला जारी रहता है । क्योंकि ज्यादातर किसान को कोई काम नहीं रहता हैं । बरसात होने के बाद कृषक समाज के लोग व्यस्त हो जाते हैं ।”
कुंदन कृष्णन की दलील यहीं खत्म नहीं हुई उन्होंने कहा कि “घटानाएं घटती हैं परंतु प्रेस के द्वारा हत्या पर हत्या को नजरिया दिया गया है इस वर्ष चुनाव भी इसलिए राजनीति दलों द्वारा भी इसे मुद्दा उठाया गया है । उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने शूटरों का डाटा बनाने का काम शुरु किया है उन पर निगरानी रखी जाएगी । “
पटना के पारस अस्पताल में हुई गोलीबारी का VIDEO आया सामने
5 की संख्या में घुसे अपराधियों ने कुख्यात चंदन मिश्रा को मारी गोली@PatnaPolice24x7 @bihar_police #Patna #PatnaNews #Bihar pic.twitter.com/FpvgerT1hK
— Live Dainik (@Live_Dainik) July 17, 2025
गौरतलब है कि पटना में सरेआम हत्या और बिहार के अलग-अलग इलाकों में हर दिन जघन्य अपराध की खबरें आने के बाद इस तरह की दलील भी सवाल उठ रहे हैं । अगर बिहार पुलिस ने के पास शूटर्स का डाटा मौजूद है और ये जानती है कि अप्रैल-मई और जून के महीने में बिहार में मर्डर होते हैं तो सख्ती और सावधानी क्यों नहीं बरती जा रही है। इस मुद्दे को लेकर विपक्ष तो हमलावर है ही साथ ही एनडीए के साथी चिराग पासवान भी हमलावर हैं । उन्होंने सोशल मीडिया पर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं।
बिहार में कानून व्यवस्था आज एक गंभीर चिंता का विषय बन गई है। प्रतिदिन हत्याएं हो रही है , अपराधियों का मनोबल आसमान पर है। पुलिस – प्रशासन की कार्यशैली समझ से परे है।
आज पटना के रिहायशी इलाके में स्थित पारस अस्पताल के अंदर घुसकर अपराधियों द्वारा सरेआम गोलीबारी की घटना इस बात का…
— युवा बिहारी चिराग पासवान (@iChiragPaswan) July 17, 2025







