पटनाःबीते साल फरवरी 2024 में नीतीश सरकार के अविश्वास प्रस्ताव के दौरान विधायकों की खरीद फरोख्त की साजिश मामले में आर्थिक अपराध इकाई की जांच जारी है। इकाई ने इस मामले में पूर्व विधायक और RJD नेत्री बीमा भारती समेत चार लोगों को नोटिस देते हुए पूछताछ के लिए 21 जुलाई को कार्यालय बुलाया है। जिसमें संजय पटेल, प्रमोद कुमार और सनी कुमार भी शामिल हैं। इन लोगों को अविश्वास प्रस्ताव के दौरान विधानसभा पहुंचने से रोकने की कोशिश हुई थी। इस मामले में ईओयू ने सोनपुर के राजद नेता ई सुनील से पूछताछ की है। उनको भी दोबारा पूछताछ के लिए बुलाने की तैयारी है।
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इस मामले में जदयू विधायक सुधांशु कुमार की शिकायत पर 11 फरवरी 2024 को कोतवाली थाने में एफआईआर दर्ज हुई थी। संवेदनशीलता को देखते हुए बाद में मामले को EOU को ट्रांसफर कर दिया गया था। दर्ज FIR में जदयू विधायक ने आरोप लगाया था कि कई NDA विधायकों को महागठबंधन के पक्ष में वोट दिलाने के लिए मंत्री पद और 10-10 करोड़ रुपये का प्रलोभन दिया गया था।
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इस FIR में JDU विधायक ने इंजीनियर सुनील पर अपने सहयोगियों के माध्यम से विधायक बीमा भारती और दिलीप राय को डरा-धमकाकर अपहरण करने की शिकायत भी दर्ज कराई थी, ताकि दोनों महागठबंधन के पक्ष में मतदान करें। इस मामले में बड़े पैमाने पर पैसे का लेन-देन होने का साक्ष्य मिलने पर राज्य सरकार ने ईडी से भी जांच की अनुशंसा की थी।
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राजनीतिक भूचाल से जुड़ा मामला : यह मामला फरवरी 2024 की उस राजनीतिक हलचल से जुड़ा है जब मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने महागठबंधन से नाता तोड़कर एनडीए में वापसी की थी। उस दौरान विपक्ष की ओर से लाए गए अविश्वास प्रस्ताव के बीच विधायकों की खरीद-फरोख्त और वोटिंग व्यवहार प्रभावित करने के आरोपों ने काफी तूल पकड़ा था। EOU की यह कार्रवाई उन गंभीर आरोपों की आधिकारिक जांच में एक अहम कदम मानी जा रही है।



