जोन्हा जलप्रपात में बहे रांची डीपीएस के संगीत शिक्षक माइकल घोष का शुक्रवार को दूसरे दिन भी कोई सुराग नहीं मिल सका है। एनडीआरएफ की टीम और अनगड़ा थाना पुलिस ने पूरे दिन सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन अब तक सफलता हाथ नहीं लगी है। घटनास्थल पर मौजूद उनके परिजन और सहकर्मी बेहद दुखी और व्याकुल हैं।
गौरतलब है कि गुरुवार को माइकल घोष अपने दो शिक्षक मित्रों पंकज श्रीवास्तव और ऋत्विक सामंता के साथ जोन्हा फॉल घूमने आए थे। खाना खाने के बाद वे पानी के बीच एक बड़े पत्थर पर फोटो खिंचवाने गए थे, जहां फिसलकर तेज धार में बह गए।
जोन्हा फॉल में जल प्रवाह अभी भी काफी तेज है, जिससे खोज अभियान में कठिनाई हो रही है। एनडीआरएफ की टीम बोट और रस्सियों की मदद से विभिन्न हिस्सों में तलाशी ले रही है, साथ ही स्थानीय गोताखोरों की भी मदद ली जा रही है।
माइकल घोष मूल रूप से धनबाद के रहने वाले हैं और वर्तमान में रांची के अल्कापुरी इलाके में रहते थे। परिवार को जैसे-जैसे समय बीतता जा रहा है, उनकी चिंता और बेचैनी बढ़ती जा रही है।
प्रशासन की ओर से पर्यटकों को जलप्रपात के तेज बहाव और फिसलन वाले क्षेत्रों से दूर रहने की सख्त हिदायत दी गई है।












