कोरोना काल में राज्य के 24 हजार बुनकरों की स्थिति हुई दयनीय

रांची। झारखंड में करीब 24 हजार से अधिक बुनकरों की स्थिति कोरोना काल में दयनीय हुई हैं। देशव्यापी लॉकडाउन और अन्य कारणों से मांग में कमी के कारण कई बुनकरों के समक्ष भुखमरी की स्थिति की उत्पन्न हो गयी है।
उद्योग विभाग के अनुसार वर्ष 2020 और 2021 में विभिन्न चरणों में कोविड-19 प्रोटोकॉल के तहत लागू लॉकडाउन के दौरान विपणन कार्यो में आयी कमी के कारण झारक्राफ्अ द्वारा बुनकरों को दिये गये उत्पादन कार्य में कमी आयी है। राज्य योजना अंतर्गत बुनकरों के उत्पादकता वृद्धि को लेकर कौशल विकास एवं सहायता अनुदान से संबंधित कई योजनाएं संचालित की जा रही है, जिसके तहत प्राथमिक बुनकर सहयोग समिति का सुदृढ़ीकरण, हस्तकरघा विकास की योजना-छात्रवृत्ति, महात्मा गांधी बुनकर बीमा योजना, नेशनल हैंडलूम डेवलपमेंट प्रोग्राम शामिल हैं।
उद्योग विभाग द्वारा बताया गया है कि वर्ष 2019 में केंद्रीय एजेंसी द्वारा हस्तकरघा जनगणना से संबंधित रिपोर्ट के अनुसार राज्य में 23,473 बुनकरों का सर्वेक्षण किया गया। हालांकि राज्य में 35 हजार से अधिक बुनकरों के कार्यरत रहने की बात की जाती हैं, लेकिन दस हजार से अधिक लोग रोजगार नहीं मिलने के कारण दूसरे काम धंधे में लग गये हैं।
उद्योग विभाग की ओर से यह भी जानकारी दी गयी है कि विभिन्न सरकारी संस्थानों और उपक्रमों से प्राप्त कार्यादेश के आधार पर विगत वर्षाे 2019-20, 2020721 और 2021-22 में करीब 40 लाख रुपये की बिक्री झारक्राफ्ट द्वारा की गयी।

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